Mrithyunjay Movie Review in Hindi: तेलूगु स्टार श्री विष्णु की फिल्म ‘विष्णु विन्यासम’ के ठीक एक हफ्ते बाद, वो अब एक क्राइम थ्रिलर ‘मृत्युंजय’ (Mrithyunjay) के साथ बड़े पर्दे पर फिर से लौटे हैं. वैसे तो श्री विष्णु अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने एक सीरियस और सस्पेंस से भरी फिल्म ‘मृत्युंजय’ को चुना है. यह फिल्म एक साधारण व्यक्ति के असाधारण इन्क्वारी ऑफिसर बनने के सफर को दिखाती है.
Mrithyunjay Movie Storyline in Hindi – मृत्युंजय फिल्म की कहानी
मृत्युंजय फिल्म की कहानी के बारे में बात करें तो फिल्म में जय उर्फ मृत्युंजय यानि कि श्री विष्णु ‘स्वेच्छा’ नाम के एक अखबार में काम करता है. उसका काम अखबार के लिए शोक संदेश (Obituary ads) जुटाना है. जय अपने काम में माहिर है, लेकिन उसका असली सपना ‘क्राइम ब्यूरो’ विभाग में शामिल होना है. एक्सपीरियंस की कमी के कारण उसे बार-बार रिजेक्ट कर दिया जाता है.
एक दिन, जब जय एक शोक विज्ञापन के सिलसिले में बाहर निकलता है, तो उसे एक मौत के पीछे कुछ अजीब और संदिग्ध महसूस होता है. वह अपने लेवल पर जांच शुरू करता है और धीरे-धीरे एक बहुत बड़ी और ताकतवर शक्ति को सामने खड़ा पाता है. क्या जय ‘इस गुत्थी को सुलझा पाएगा? जानने के लिए आपको ये पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी.
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Sree Vishnu’s Mrithyunjay Movie Review in Hindi
Mrithyunjay Movie Positive Points – मृत्युंजय फिल्म के प्लस पॉइंट्स
- श्री विष्णु का नया अवतार: कॉमेडी से हटकर एक सिरियस रोल में श्री विष्णु ने शानदार काम किया है. उनकी ईमानदारी और संजीदगी फिल्म को जीवंत बनाती है.
- खतरनाक विलेन: किसी भी थ्रिलर की सफलता उसके विलेन पर टिकी होती है. वीर आर्यन ने इस फिल्म में एक बहुत ही चालाक और डरावने विलेन की भूमिका निभाई है. सेकंड हाफ में हीरो और विलेन के बीच का ‘दिमागी खेल’ ऑडियंस को बांधे रखता है.
- रीबा मोनिका जॉन: एक पुलिस ऑफिसर के रोल में रीबा ने बेहतरीन काम किया है. उनके एक्शन सीन काफी स्टाइलिश हैं और वो कहानी को मजबूती देती हैं.
- फोकस्ड नैरेटिव: फिल्म की अच्छी बात यह है कि इसमें कोई फालतू के रोमांटिक गाने या बेवजह की कॉमेडी नहीं हैं, जिससे पूरी फिल्म मुख्य कहानी पर ही टिकी रहती है.
- म्यूजिक: काल भैरव का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की जान है. तनावपूर्ण सीन्स में उनका म्यूजिक रोमांच को और भी बढ़ा देता है.
- सिनेमैटोग्राफी: विद्या सागर की सिनेमैटोग्राफी ठोस है, खासकर इंटरवल और क्लाइमेक्स में बहुत अच्छी तरह से शूट किया गया है.
- डायरेक्शन: फिल्म के डायरेक्टर श्री हुसैन शा किरण ने अपनी प्रतिभा दिखाई है. जिस तरह उन्होंने हीरो-विलेन के बीच का ‘चूहे-बिल्ली का खेल’ दिखाया है, वह काबिले तारीफ है.
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Mrithyunjay Movie Negative Points – मृत्युंजय फिल्म के माइनस पॉइंट्स
- धीमी शुरुआत: फिल्म का शुरुआती हिस्सा और किरदारों का परिचय उतना प्रभावशाली नहीं है. फिल्म की स्पीड पहले आधे घंटे में काफी स्लो है. हालाँकि फर्स्ट हाफ खत्म होने तक फिल्म अपनी स्पीड पकड़ लेती है और ट्रैक पर आ जाती है.
- पुराना कॉन्सेप्ट: फिल्म जिस टॉपिक पर बनी है, वह बहुत नया नहीं है. क्योंकि ठीक ऐसे ही या इससे मिलते-जुलते टॉपिक पर हम पहले भी कई फिल्में देख चुके हैं. अगर आप किसी बिल्कुल अनोखी कहानी की उम्मीद कर रहे हैं, तो आपको थोड़ी निराशा हो सकती है.
Verdict – निष्कर्ष
कुल मिलाकर, ‘मृत्युंजय’ क्राइम थ्रिलर के हिसाब से देखने लायक फिल्म है. श्री विष्णु को एक अलग जॉनर में देखना आपको पसंद आ सकता है. हालांकि फर्स्ट हाफ कमजोर होने की वजह से इसे नेगेटिव रिव्यू का सामना पड़ सकता है. लेकिन स्टार कास्ट की परफॉरमेंस और सेकंड हाफ की वजह से फिल्म ऑडियंस को पसंद आ सकती है. अगर आप सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर फिल्में पसंद करते हैं, तो ‘मृत्युंजय’ आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है.
Special Request
दोस्तों, अगर आपने श्री विष्णु की फिल्म ‘मृत्युंजय’ देख ली है तो बताइए आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें. जानकरी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना बिलकुल ना भूलें, धन्यवाद.