Dacoit Movie Review in Hindi: अदिवी शेष (Adivi Sesh) और मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर एक इंटेंस एक्शन-ड्रामा ‘डकैत’ (Dacoit) के साथ आई है. यह फिल्म प्यार, धोखे और बदले की एक ऐसी कहानी है जो 2005 से शुरू होकर 2021 के कोविड काल तक चलती है. ‘डकैत’ फिल्म की चर्चा पिछले काफी समय से है अब ये फाइनली थियेटरों में आ चुकी है तो आइये जानते हैं कि आखिर ये फिल्म ऑडियंस की उम्मीदों पर खरी उतरी है या फिर नहीं?
Dacoit Movie Storyline in Hindi: डकैत फिल्म की कहानी
फिल्म की शुरुआत 2005 के ‘हिंदुपुरम’ से होती है, जहाँ हरि यानि कि अदिवी शेष और सरस्वती यानि कि मृणाल ठाकुर को प्यार हो जाता है. लेकिन सरस्वती के परिवार की वजह से हरि को 13 साल जेल में बिताने पड़ते हैं. 2021 में हरि जेल से भागता है लेकिन देश छोड़ने के लिए उसे 70 लाख रुपये की जरूरत होती है. वह सरस्वती के पास मदद के लिए पहुँचता है और दोनों मिलकर एक बड़ी डकैती की प्लानिंग करते हैं.
असल में ये डकैती कैसी है और किस तरह की जाती है? या फिर हरि के मन में कुछ और भी ही चल रहा है? यही फिल्म का सस्पेंस है और इसे जानने के लिए आपको ये पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी.
Watch Dacoit Movie Full Trailer
Varanasi Plot Leaked: फिल्म में दिखेगा 7000 साल का सफर, कुछ ऐसी होगी फिल्म की कहानी
Dacoit Movie Review in Hindi
डकैत फिल्म के प्लस पॉइंट्स
फिल्म में प्लस पॉइंट के बारे में बात करें तो अदिवी शेष ने एक बार फिर साबित किया है कि वे ‘मास’ और ‘क्लास’ दोनों तरह की ऑडियंस को अपनी तरफ खींच सकते हैं. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और बेहतरीन एक्टिंग फिल्म की जान है. इनके अलावा मृणाल को एक दमदार रोल मिला है और उन्होंने उसे पूरी ईमानदारी से निभाया भी है.
इनके अलावा फिल्म में अनुराग कश्यप, प्रकाश राज और अतुल कुलकर्णी जैसे भी कई मंझे हुए कलाकार हैं जिहोने अपने-अपने करदार बखूबी निभाए हैं.
बात करें डायरेक्शन की तो निर्देशक शनील देव ने फिल्म को काफी बड़े लेवल पर शूट किया है. हरि का जेल से भागना और अस्पताल में चोरी का आईडिया, ये कुछ ऐसे ‘मास मोमेंट्स’ हैं जिन्हें देखकर ऑडियंस तालियां बजाने पर मजबूर हो जाएगी.
View this post on Instagram
Dhurandhar 2 पर फिर चली सेंसर बोर्ड की कैंची, 18 दिन बाद फिल्म में हुए ये बड़े बदलाव
डकैत फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
प्लस पॉइंट की बात हो गई तो अब इसके कुछ नेगेटिव पॉइंट के बारे में बात करते हैं. फिल्म की कहानी अच्छी जरूर है लेकिन कई मौकों पर लॉजिक ख़त्म सा हो जात है. खासकर प्री-क्लाइमेक्स का ट्विस्ट आपको हैरान तो करता है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या यह संभव है?
फिल्म में सस्पेंस आखिर तक रहे ये अच्छा है लेकिन मेकर्स ने सस्पेंस बनाए रखने के चक्कर में कहानी को कुछ ज्यादा ही उलझा दिया है. इसलिए कई जगह आपको बोरियत फील हो सकती है. इन सब के अलावा फिल्म का म्यूजिक भी एवरेज है. फिल्म का कोई भी गाना ऐसा नहीं है जो लंबे समय तक याद रहे. फिल्म में कई जगह हिंदी डायलॉग्स भी कमजोर पड़े हैं जिसकी वजह से ऑडियंस पर प्रभाव कम होता रहता है.
निष्कर्ष
‘डकैत’ एक वन-टाइम वॉच फिल्म है जोकि सिर्फ और सिर्फ अदिवी शेष और मृणाल ठाकुर के फैंस के लिए बनी है. फिल्म में एक्शन और मास अपील भरपूर है, लेकिन अगर आप एक ठोस और तर्कसंगत स्क्रिप्ट की उम्मीद कर रहे हैं, तो आपको निराशा हाथ लगेगी. तेलुगु में फिल्म अच्छी कमाई कर सकती है लेकिन हिंदी वर्जन में इसे ऑडियंस मिलना थोड़ा मुश्किल लग रहा है.
Special Request:
दोस्तों, अगर आपने अदिवी शेष (Adivi Sesh) की फिल्म ‘डकैत’ (Dacoit) देख ली है तो बताइये आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.