Raid 2 Movie Review in Hindi: साल 2018 में रिलीज हुई अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म ‘रेड’ (Raid) का सीक्वल ‘रेड 2’ फाइनली आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है. फिल्म का ट्रेलर ऑडियंस को काफी पसंद आया था और पिछली फिल्म ‘रेड’ की वजह से ‘रेड 2’ को लेकर ऑडियंस के बीच काफी अच्छा क्रेज देखने को मिल रहा है. लेकिन क्या ‘रेड 2’ वास्तव में उतनी ही अच्छी फिल्म है जितना कि इससे उम्मीद थी? चलिए इसके बारे में डिटेल में बात करते हैं.
Raid 2 Movie Storyline in Hindi – रेड 2 फिल्म की कहानी
सबसे पहले ‘रेड 2’ फिल्म की स्टोरीलाइन के बारे में बात कर लेते हैं. ‘रेड’ की तरह ‘रेड 2’ की कहानी भी इनकम टैक्स ऑफिसर अमय पटनायक यानी कि अजय देवगन (Ajay Devgn) के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म की शुरुआत में अमय पटनायक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा दिया जाता है जिसकी वजह से उसका ट्रांसफर भोज में हो जाता है.
भोज में एक राजनेता है दादा भाई यानी कि रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh) जो कि वहां के लोगों का काफी प्रिय है और वहां के लोग उसे उसके लिए अपनी जान देने को तैयार होते हैं. दादा भाई बेहद ही शरीफ है जोकि मददगारों की मदद करता है और हमेशा सही रास्ते पर चलता है और इसमें कोई भी कमी नजर नहीं आती. अमय पटनायक को यही बात खटकती है और वह उसकी जासूसी शुरू कर देता है.
पूरी प्लानिंग साथ रेड पड़ती है और इसके बाद क्या होता है? बाकी सब आपको इस फिल्म में देखने को मिल जाएगा.
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Raid 2 Movie Review in Hindi
Raid 2 Movie Plus Points – रेड 2 फिल्म के प्लस पॉइंट्स
फिल्म के पॉजिटिव पॉइंट्स के बारे में बात करें तो फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी मजेदार है और इसमें कई सारे टर्न और ट्वीट देखने को मिल जाते हैं. अजय देवगन और रितेश देशमुख की एक्टिंग लाजवाब है. दोनों ने ही अपने-अपने किरदारों में बेहतर काम किया है. फिल्म में जब दोनों का फेस ऑफ होता है तो वह पूरी तरह से पैसा वसूल है. फिल्म के डायरेक्टर राज कुमार गुप्ता ने ‘रेड 2’ की कहानी को ऑडियंस के सामने काफी अच्छी तरीके से परोसा है.
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Raid 2 Movie Negative Points – रेड 2 फिल्म के माइनस पॉइंट्स
अगर ‘रेड 2’ फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स के बारे में बात करें तो स्टार कास्ट में सौरभ शुक्ला को ज्यादा मौका नहीं दिया गया है. यही वजह है कि यह फिल्म का नेगेटिव पॉइंट भी है. साथ में वाणी कपूर को भी उतना ज्यादा स्पेस नहीं मिला है और जितना भी समय उन्हें दिया गया है उसमें उन्होंने एवरेज काम किया है.
वहीं दूसरी ओर जब तक अमय पटनायक और दादा भाई का फेस ऑफ नहीं होता, तब तक दादा भाई एक खतरनाक विलेन के तौर पर दिखाया गया है और काफी मजबूद है लेकिन अमय पटनायाक के बाद से दादा भाई को काफी कमजोर दिखाया गया है. पहली फिल्म रेड के हिसाब से देखा जाए तो हीरो ने विलन को बेहद ही आसानी से हरा दिया है. जबकि हीरो और विलेन के बीच कांटे की टक्कर दिखाई जाती है तो ज्यादा बेहतर हो सकता था.
इतना ही नहीं फिल्म की कहानी कई जगह काफी प्रिडिक्टेबल लगती है. यानी कि देखते-देखते आपको यह अंदाजा होता रहता है कि आगे क्या होने वाला है. इतना ही नहीं फिल्म की एंडिंग में भी बहुत तेजी से आगे बढती है. इन सब के अलावा फिल्म का म्यूजिक भी कुछ खास नहीं है. बल्कि गाने बीच-बीच में आकर फिल्म की रूचि को कम करते हैं.
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फाइनल वर्डिक्ट
अगर आपने रेड फिल्म देखी थी तो रेड 2 आपको पसंद आ सकती है लेकिन रेड की तरह रेड 2 से ज्यादा उम्मीद रखना बेकार है. क्योंकि जहां रेड में आखिर तक विलेन हार नहीं मानता और पूरी फिल्म में हीरो पर हावी रहता है वहीँ रेड 2 में विलेन धीरे-धीरे कमजोर होता नजर आता है. बल्कि ऐसा कह सकते हैं कि अजय देवगन के सामने मेकर्स ने रितेश देशमुख की परफॉरमेंस थोडा दबा दी है. रितेश देशमुख और सौरभ शुक्ला को और भी ज्यादा मौका मिलता तो फिल्म और भी बेहतर हो सकती थी.
खैर, फिल्मी फ्राइडे की तरफ से रेड 2 को मिलते हैं 3/5 स्टार. अगर आप अजय देवगन के फैन हैं तो आप ये फिल्म एक बार तो जरूर देख सकते हैं.
Special Request
दोस्तों, अगर आपने अजय देवगन और रितेश देशमुख की फिल्म रेड 2 देख ली है तो बताइये आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें. जानकरी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना बिलकुल ना भूलें, धन्यवाद.