Michael Movie Review in Hindi: पॉप आइकन माइकल जैक्सन के जीवन पर आधारित इस साल की मच अवेटेड बायोपिक ‘माइकल’ (Michael) आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. यह फिल्म सिर्फ एक सिंगर की कहानी नहीं, बल्कि एक ‘लेजेंड’ के बनने की वह जर्नी है जिसे दुनिया ने कभी करीब से नहीं देखा होगा.
Michael Movie Storyline in Hindi: माइकल फिल्म की कहानी
फिल्म की शुरुआत साल 1967 से होती है, जहाँ जोसेफ जैक्सन यानि कि कोलमैन डोमिंगो अपने पांच बेटों के साथ ‘जैक्सन 5’ बैंड बनाते हैं. 9 साल का माइकल यानि कि जुलियानो क्रू वाल्डी इसमें मेन सिंगर होता है. जोसेफ एक सख्त पिता हैं जो अनुशासन के नाम पर बच्चों पर हाथ उठाने से भी नहीं हिचकिचाते.
कहानी आगे बढ़ती है और 20 साल का माइकल यानि कि जाफर जैक्सन सोलो करियर की शुरुआत करना चाहता है, लेकिन वह अपने पिता के साये से बाहर निकलने के लिए बेताब है और इस दौरान वो मानसिक संकट से भी जूझ रहा है.
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Michael Movie Review in Hindi
माइकल फिल्म के प्लस पॉइंट्स
फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है जाफर जोकि रियल लाइफ में माइकल जैक्सन के नेफ्यू हैं. जाफर ने माइकल जैक्सन के तौर पर एक ऐसा डेब्यू किया है जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा. उनकी बॉडी लैंग्वेज, डांस और हाव-भाव बिल्कुल माइकल जैसे ही नजर आते हैं. उन्होंने MJ के इमोशनल और दर्दनाक पलों पर भी बखूबी गौर किया है और उसी को पर्दे पर उतारा है. इनके अलावा बाकिस सितारों ने भी अपने-अपने करैक्टर बखूबी निभाये हैं.
इसके अलावा फिल्म की सबसे बड़ी ताकत माइकल जैक्सन के आइकॉनिक गानों और कॉनसर्ट्स का फिर रि-क्रिएशन है. खासकर ‘Thriller’ का फिल्मांकन किसी मास्टरस्ट्रोक से कम नहीं है. फिल्म का सेट, लाइटिंग और प्रॉप्स का इस्तेमाल इतना सटीक है कि आप असली माइकल जैक्सन के साथ फर्क नहीं कर पाएंगे.
इतना ही नहीं फिल्म का एक और प्लस पॉइंट इसका म्यूजिक है. फिल्म में माइकल जैक्सन के सदाबहार गाने फिल्म की आत्मा हैं, जो स्क्रीन पर एक अलग ही ऊर्जा भर देते हैं.
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माइकल फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
फिल्म के राइटर जॉन लोगन ने माइकल की लाइफ के कई अनसुने और अनछुए पहलुओं को दिखाया है लेकिन कुछ चीजें ऐसी रह गई जिनके बारे में ऑडियंस जानना चाहती है. डायरेक्टर MJ की लाइफ की गहराई में नहीं जा पाए. काफी लोगों को मालूम होगा कि MJ की लाइफ में कई विवाद रहे हैं लेकिन फिल्म में उन सभी पर ज्यादा बात नहीं की गई है.
फिल्म में माइकल के परिवार को ज्यादा अहमियत नहीं दी गई है. यहाँ तक कि उनके भाई फिल्म में ‘एक्स्ट्रा’ जैसे लगते हैं. उनके और माइकल के आपसी रिश्तों या सफलता को लेकर उनकी जलन या फिर खुशी को विस्तार से नहीं दिखाया गया.
जिन लोगों ने माइकल और उनकी लाइफ को गौर से अनुभव किया है उन्हें पता होगा कि उनकी लाइफ इतनी आसान नहीं रही है. उन्हें निजी जिंदगी में काफी संघर्ष करना पड़ा था. लेकिन फिल्म में उनके करियर का ग्राफ बहुत ही सहज और आसान दिखाया है, जिससे संघर्ष का वह अहसास थोड़ा कम हो जाता है.
निष्कर्ष
‘माइकल’ एक मनोरंजक और भावनात्मक म्यूजिकल बायोपिक है. अगर आप MJ के फैन हैं, तो जाफर जैक्सन की परफॉरमेंस और फिल्म का म्यूजिक आपको जरूर पसंद आयेगा. इंडिया में भी फिल्म का क्रेज काफी अच्छा है. इसलिए फिल्म से उम्मीद और भी बढ़ गई है.
Special Request:
दोस्तों, अगर आपने ‘माइकल’ (Michael) देख ली है तो बताइये आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.