The Furious Movie Review in Hindi: एक्शन फिल्मों के शौकीनों के लिए ‘The Furious’ किसी ट्रीट से कम नहीं है. फिल्म की कहानी भले ही नई न लगे, लेकिन इसके शानदार फाइट सीक्वेंस, तेज रफ्तार एक्शन और इमोशनल एंगल इसे देखने लायक बनाते हैं. डायरेक्टर केंजी तानिगाकी ने एक सिंपल सी कहानी को ऐसे प्रेजेंट किया है कि ऑडियंस शुरुआत से एंड तक स्क्रीन से जुड़ी रहती है. खासकर मार्शल आर्ट्स और हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट पसंद करने वाले दर्शकों को यह फिल्म काफी पसंद आ सकती है.
The Furious Movie Storyline in Hindi: द फ्यूरियस फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी दक्षिण-पूर्व एशिया के एक शहर में रहने वाले वांग वेई के इर्द-गिर्द घूमती है. वांग बोल नहीं सकता, लेकिन वह कुंग-फू में माहिर है. उसकी बेटी रैनी चीन से अपने पिता से मिलने आती है. वह चाहती है कि वांग उसके साथ वापस चीन लौट जाए, लेकिन वांग मना कर देता है. इसी बात से नाराज होकर रैनी वहां से चली जाती है.
इसी बीच रास्ते में एक लड़का उसे धोखे से अपने साथ ले जाता है और वह तस्करी गिरोह के चंगुल में फंस जाती है. बेटी की किडनेपिंग की खबर सुनकर वांग टूट जाता है और उसे बचाने के लिए अकेले ही उस गिरोह के खिलाफ जंग छेड़ देता है. इसी दौरान उसकी मुलाकात नवीन नाम के एक शख्स से होती है, जो अपनी लापता बीवी को खोज रहा है. दोनों का दुश्मन एक ही होता है, इसलिए दोनों साथ में मिलकर लड़ते हैं.
The Furious Movie Watch Full Trailer
The Furious Movie Review in Hindi
द फ्यूरियस फिल्म के प्लस पॉइंट्स
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी एक्शन कोरियोग्राफी है. शुरुआत के कुछ मिनटों में ही कहानी सीधे अपने मेन टॉपिक यानि कि एक्शन पर पहुंच जाती है और इसके बाद फिल्म लगातार हाई-ऑक्टेन मोड में बनी रहती है. कचरा ढोने वाले ट्रक पर होने वाला एक्शन सीक्वेंस, उसके बाद की चेज़ और आइस फैक्ट्री वाला सीन फिल्म के सबसे बेहतरीन हिस्सों में शामिल हैं.
स्नेक पिट वाला ट्विस्ट दर्शकों को चौंका सकता है और थिएटर में खूब तालियां बटोरने की क्षमता रखता है. वांग वेई का किरदार निभाने वाले अभिनेता ने बिना एक भी डायलॉग बोले ऑडियंस पर अपनी शानदार छाप छोड़ी है. उनके चेहरे के भाव और एक्शन दोनों प्रभावित करते हैं. इनके अलावा जो तस्लीम का किरदार भी दमदार है, हालांकि उन्हें स्क्रीन पर थोड़ा कम स्पेस मिला है.
रैनी की भूमिका निभाने वाली बाल कलाकार ने बेहतरीन काम किया है और इमोशनल सीन्स में भी वो गहरी छाप छोड़ती हैं. फिल्म में दिखाया गया विलेन काफी ओवर-द-टॉप है, उसके फाइट सीन्स एंटरटेनमेंट का लेवल बढ़ा देते हैं.
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी इसकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक है. कैमरा वर्क और एक्शन की शूटिंग बेहद प्रभावशाली है.
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द फ्यूरियस फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
फिल्म के सेकंड हाफ में एक्शन की अधिकता थोड़ी थकाने लगती है. आखिरी 15-20 मिनट के फाइट सीन्स कुछ ज्यादा लंबे महसूस होते हैं. पुलिस स्टेशन में दिखाया गया क्लाइमेक्स फाइट सीन तकनीकी रूप से शानदार है, लेकिन इसकी लेंथ इतनी ज्यादा है कि एक समय पर आकर आब बोरियत महसूस करेंगे.
फाइट सीक्वेंस में कई बार ऐसा नजर आता है कि एक्टर्स को गंभीर चोटें लगीं हैं लेकिन इसके बाद भी वो आसानी से लड़ते नजर आते हैं, जो फिजिकली संभव नहीं है. बैकग्राउंड म्यूजिक ठीक-ठाक है, लेकिन एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई होती तो फिल्म और प्रभावशाली बन सकती थी.
निष्कर्ष
‘The Furious’ एक ऐसी एक्शन-थ्रिलर है जो अपनी कहानी से नहीं, बल्कि अपने जबरदस्त एक्शन और रोमांचक फाइट सीन्स से ऑडियंस का दिल जीतती है. अगर आप कहानी में ज्यादा नएपन की उम्मीद नहीं कर रहे और आपका फोकस शानदार एक्शन देखने पर है, तो ‘The Furious’ आपको निराश नहीं करेगी.
Special Request:
दोस्तों, क्या आप कहानी को ज्यादा महत्व देते हैं या फिर दमदार एक्शन ही आपके लिए फिल्म को खास बना देता है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.