Gram Chikitsalay Season 2 Review in Hindi: TVF की ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित लोकप्रिय वेब सीरीज Gram Chikitsalay अपने दूसरे सीजन के साथ लौट आई है. लगभग एक साल के अंतराल के बाद रिलीज हुए इस सीजन से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, खासकर इसलिए क्योंकि पहले सीजन को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी. वैसे तो पहला सीजन इतना ज्यादा पॉपुलर नहीं हुआ था लेकिन फिर इसका अगला सीजन बनाया गया. अब सवाल यह है कि क्या Gram Chikitsalay Season 2 अपने पहले सीजन की कमियों को दूर कर पाया है? खैर, आइये देखते हैं कि इसके दूसरे सीजन में क्या है खास?
Gram Chikitsalay Season 2 Storyline in Hindi: ग्राम चिकित्सालय सीजन 2 की कहानी
भटकंडी गांव में अब डॉक्टर प्रभात सिन्हा यानि कि अमोल पाराशर काफी हद तक गांव के माहौल और लोगों की मानसिकता को समझ चुके हैं. हालांकि, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में मरीजों की कमी और दवाइयों का अभाव अब भी बड़ी समस्या बना हुआ है.
इसी बीच उन्हें पता चलता है कि यदि उनका PHC Ideal PHC Award जीत जाता है, तो केंद्र को बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिल सकती हैं. अवॉर्ड जीतने की कोशिश में प्रभात और उनकी टीम जुट जाती है, लेकिन रास्ते में एक नई शर्त सामने आती है, जो उनकी पूरी योजना को खतरे में डाल देती है. क्या डॉक्टर प्रभात अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे? यही इस सीजन में देखने को मिलता है.
Gram Chikitsalay Season 2 Watch Full Trailer
Gram Chikitsalay Season 2 Review in Hindi
Gram Chikitsalay Season 2 Plus Points
दूसरा सीजन पहले सीजन की तुलना में स्पष्ट रूप से बेहतर नजर आता है. इस बार कहानी ज्यादा केंद्रित और उद्देश्यपूर्ण महसूस होती है. Ideal PHC Award वाला संघर्ष कहानी को मजबूत दिशा देता है और एंड तक ऑडियंस की दिलचस्पी बनाए रखता है. अमोल पाराशर ने एक बार फिर डॉक्टर प्रभात के किरदार को सादगी और ईमानदारी के साथ निभाया है. हालांकि, इस बार भी शो की असली जान फुटानी यानि कि आनंदेश्वर द्विवेदी और गोबिंद यानि कि आकाश मखीजा ही साबित हुए हैं.
विशेष रूप से गोबिंद की नौकरी और शादी से जुड़ी कहानी दर्शकों को इमोशनल रूप से जोड़ती है. आकाश मखीजा ने इस किरदार में शानदार बैलेंस बनाकर रखा है. विनय पाठक हमेशा की तरह भरोसेमंद नजर आते हैं, जबकि दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ भी अपने किरदार में ठीक-ठाक रहे हैं.
सीजन का आखिरी एपिसोड सबसे प्रभावशाली भाग है, जिसमें कुछ इमोशनल सीन्स ऑडियंस को बेहद प्रभावित करते हैं और कहानी को एक अच्छा और सुखद एंडिंग देते हैं. इन सब के अलावा डायरेक्टर ललितम आनंद ने ग्रामीण माहौल को प्रभावी ढंग से प्रेजेंट किया है. सिनेमैटोग्राफी गांव के वातावरण को अच्छी तरह कैद करती है.
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Gram Chikitsalay Season 2 Negative Points
सीजन का सबसे बड़ा नेगेटिव पॉइंट इसका धीमापन है. सिर्फ 5 एपिसोड होने के बावजूद कई जगह कहानी बिना मतलब खिंची हुई महसूस होती है. Ideal PHC Award का संघर्ष दिलचस्प है, लेकिन स्लो स्क्रीनप्ले उसके प्रभाव को कम कर देता है. डॉ. गर्गी और बाबू साहेब जैसे किरदारों को इमोशनल सीन्सतो मिलते हैं, लेकिन उनके किरदारों को उतनी गहराई नहीं दी गई. इसलिए उनके इमोशनल मोमेंट्स उतना असर नहीं छोड़ पाते.
डॉ. चेतक कुमार की बेटी से जुड़ा सबप्लॉट भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता और एक मिस्ड अपॉर्च्युनिटी बनकर रह जाता है.
राइटिंग के बार में बात करें तो टीम ने पहले सीजन की तुलना में बेहतर कहानी देने की कोशिश की है, लेकिन स्क्रीनप्ले अभी भी कई जगह कमजोर पड़ता है.
म्यूजिक कहानी के अनुरूप है, लेकिन बैकग्राउंड स्कोर कई बार भावनाओं को जरूरत से ज्यादा जोर देकर दिखाने की कोशिश करता है. एडिटिंग इस सीजन का सबसे कमजोर तकनीकी पक्ष है. यदि एडिटिंग थोड़ी और सख्त होती, तो सीरीज कहीं ज्यादा प्रभावशाली और बेहतर बन सकती थी.
निष्कर्ष
Gram Chikitsalay Season 2 पहले सीजन से बेहतर जरूर है. कहानी ज्यादा केंद्रित है, कुछ किरदार शानदार प्रदर्शन करते हैं और फिनाले संतोषजनक है. हालांकि, स्लो स्पीड और अधूरे सहायक किरदार इसे एक बेहतरीन सीरीज बनने से रोकते हैं. अगर आपको ग्रामीण पृष्ठभूमि वाली स्लो-बर्न ड्रामा सीरीज पसंद हैं, तो यह शो एक बार जरूर देखा जा सकता है.
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