Dhamaal 4 Movie Review in Hindi: मल्टीस्टारर और धमाल फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म धमाल 4 आज सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. पिछले काफी दिनों से इस फिल्म की चर्चा जोरों पर है लेकिन क्या फिल्म उतनी ही अच्छी है? इस बारे में आइये बात करते हैं और देखते हैं कि फिल्म में क्या देखने लायक है और क्या नहीं.
Dhamaal 4 Movie Plot in Hindi: धमाल 4 फिल्म की कहानी
धमाल 4 का कांसेप्ट भी इसकी पिछली फिल्मों की तरह ही है. कुछ ऐसे किरदार जो लालची हैं एक बार फिर खजाने की तलाश पर निकले हैं. गुड्डू (अजय देवगन) अपने दोस्त जॉनी (संजय मिश्रा) के साथ एक एंटीक शॉप चलाता है. इसी दौरान उसे पता चलता है कि पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) नाम का शख्स एक ऐसे खजाने का राज जानता है, जिसे कुख्यात समुद्री लुटेरे शैतान सिंह ने सालों पहले कहीं छिपाया था.
हालांकि ये इतना आसान नहीं होता क्योंकि तभी समुद्री डाकू अधूरा (रवि किशन) पृथ्वी को पकड़ लेता है. अब क्योंकि खजाने का नक्शा जल चका है तो नक़्शे की पूरी जानकारी सिर्फ पृथ्वी के पास है. इसी के साथ आदि (अरशद वारसी), मानव (जावेद जाफरी), लल्लन (रितेश देशमुख) और उनके कई साथी भी इस खजाने की दौड़ में शामिल हो जाते हैं.
तभी शुरू होता है कॉमेडी, अफरा-तफरी और एडवेंचर से भरा रोमांचक सफर. जिसे देखकर आपको हंसी जरूर आने वाली है. खजाना कहाँ होता है? इन्हें वो कैसे मिलेगा? खजाना मिलने के बाद क्या होता है? इन सारे सवालों के जवाब आपको फिल्म में मिल जायेंगे.

Dhamaal 4 Movie Review in Hindi
धमाल 4 फिल्म के प्लस पॉइंट्स
अगर आपने धमाल फ्रेंचाइजी की पिछली सभी फ़िल्में देखी हैं तो आपको ये फिल्म भी खूब हंसाएगी और सभी किरदारों से आप जुड़े रहेंगे. इंद्र कुमार ने फिल्म को पूरी तरह फैमिली ऑडियंस को ध्यान में रखकर बनाया है. फिल्म में कहीं पर भी आपको डबल मीनिंग या फूहड़ कॉमेडी देखने को नहीं मिलेगी.
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट है. अजय देवगन अपनी कॉमिक टाइमिंग से सबको खूब हंसाते हैं. लेकिन उनसे भी ज्यादा तारीफ के काबिल हैं अरशद वारसी और जावेद जाफरी. दोनों की जोड़ी ने इस बार भी कमाल कर दिया है. इन दोनों की नोकझोंक ऑडियंस को काफी पसंद आने वाली है.
इन सब के अलावा रितेश देशमुख, संजीदा शेख, अंजलि आनंद, रवि किशन और उपेंद्र लिमये ने भी फिल्म में अपना बखूबी योगदान दिया है. किसी भी करैक्टर का फिल्म में जरूरत से ज्यादा योगदान नहीं है. इंद्र कुमार ने सभी को बैलेंस रखा है.
वैसे तो फिल्म में कई ऐसे सीन्स हैं जिन पर ऑडियंस को खूब हंसी आने वाली है लेकिन जहाज वाला सीक्वेंस, इंसानी चेन वाला सीन और कुछ गलतफहमियों पर बेस्ड जो हंसी के मोमेंट्स बनाए गए हैं वो काबिले तारीफ हैं. इन सब के अलावा क्लाइमैक्स में दिया गया इमोशनल टच भी सभी को पसंद आएगा.
तकनीकी मामले की बात करें तो फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कॉमिक माहौल के हिसाब से है और सिनेमैटोग्राफी भी ठीक-ठाक है. साथ ही लोकेशंस भी देखने पर आकर्षक लगती है.

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धमाल 4 फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
फिल्म का सबसे बड़ा नेगेटिव पॉइंट यही है कि इसकी कहानी, डायलॉग्स और सिचुएशन कई बार ऐसी महसूस होती है कि पहले इसे देखा जा चुका है. क्योंकि कहानी काफी हद तक पहली Dhamaal और Total Dhamaal वाले फॉर्मूले पर चलती है. यही वजह है कि कई बार ऑडियंस को अंदाजा हो जाता है कि आगे क्या होने वाला है.
धमाल और टोटल धमाल की तरह इस बार हर सीन में कॉमेडी नहीं है. कई जगह कॉमेडी काम नहीं करती. कई जोक्स फीके से लगे हैं और खासकर भूत वाला पूरा ट्रैक उम्मीद के मुताबिक नहीं है.
फिल्म में जब तक सारे किरदार एक साथ नहीं आ जाते तब तक फिल्म ट्रैक पर नहीं आ पाती. इसलिए काफी लोगों को फर्स्ट हाफ थोड़ा स्लो लग सकता है. क्लाइमैक्स इमोशनल रखा गया है लेकिन दर्शकों पर उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाता.
कुछ जगह VFX अच्छे जरूर हैं, लेकिन समुद्र वाले कई सीन्स में ये साफ कमजोर नजर आएंगे.
फाइनल वर्डिक्ट
अगर बिलकुल फ्रेश कांसेप्ट और नई कहानी के लिए धमाल 4 (Dhamaal 4) देखने जा रहे हैं तो ये आपको निराश कर सकती है. लेकिन लॉजिक छोड़कर अगर आप सिर्फ मनोरंजन पर ध्यान देंगे तो आप पूरी फॅमिली के साथ देख सकते हैं. क्योंकि इसे देखकर आपको धमाल और टोटल धमाल की याद जरूर आ जाएगी.
आपकी राय महत्वपूर्ण है-
अगर आपने अजय देवगन की मल्टीस्टारर फिल्म ‘धमाल 4’ देख ली है तो बताइए आपको फिल्म में किसका किरदार सबसे ज्यादा पसंद आया? कमेंट में अपनी राय जरूर बताइए.
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