Main Vaapas Aaunga Review in Hindi: नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ की जोड़ी जब पर्दे पर आती है, तो जादू होना तय है. डायरेक्टर इम्तियाज अली की नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ (Main Vaapas Aaunga) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. यह फिल्म बंटवारे के दर्द को एक नए नजरिए से पेश करती है, जो आपको हंसाती भी है और आखिर में भावुक होकर रुलाती भी है.
Main Vaapas Aaunga Storyline in Hindi: मैं वापस आऊंगा फिल्म की कहानी
ईशर सिंह ग्रेवाल यानि कि नसीरुद्दीन शाह 95 साल का एक बुजुर्ग है, जिससे उसका परिवार नफरत करता है क्योंकि वह उम्रभर उनके साथ रूखा सा रहा है. वह अचानक जिद करता है कि उसे पाकिस्तान के सरगोधा जाना है. इसी दौरान उसे स्ट्रोक आ जाता है. उसका पोता निर्वैर यानि दिलजीत दोसांझ, जो यूके में रहता है, अपने दादा की हालत देखकर चंडीगढ़ आता है. ईशर, जो किसी से बात नहीं करता था, निर्वैर से अपने अतीत के किस्से साझा करने लगता है.
यह कहानी हमें बंटवारे से पहले के सरगोधा और अफसाना यानि कि शरवरी के साथ ईशर की अधूरी प्रेम कहानी की ओर ले जाती है. आगे क्या होता है, ये सब आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेगा.
Main Vaapas Aaunga Movie Watch Full Trailer
Main Vaapas Aaunga Review in Hindi
मैं वापस आऊंगा फिल्म के प्लस पॉइंट्स
नसीरुद्दीन शाह की एक्टिंग: यह नसीरुद्दीन शाह के करियर की सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस में से एक है. डिमेंशिया से जूझते एक बुजुर्ग की बेबसी और उसकी आंखों में छिपी पुरानी यादों को उन्होंने जिस तरह निभाया है, वह रोंगटे खड़े कर देता है.
दिलजीत-शरवरी की केमिस्ट्री: दिलजीत दोसांझ ने अपने किरदार में वो मासूमियत और गर्मजोशी भरी है जिसकी उम्मीद उनसे थी. वहीं शरवरी का स्क्रीन टाइम कम होने के बावजूद उनका काम बहुत प्रभावशाली लगा है.
इम्तियाज अली का डायरेक्शन: फिल्म की शुरुआत ही बहुत यूनिक है. बंटवारे के दौरान दिखाई गई हिंसा के दृश्य इतने भयानक हैं कि आपने इस तरह की सिनेमैटोग्राफी पहले किसी फिल्म में नहीं देखी होगी. फिल्म के आखिरी 20 मिनट का क्लाइमेक्स इतना भावुक है कि आप अपनी सांसें थाम लेंगे और आप सोचने पर मजबूर हो जायेंगे.
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मैं वापस आऊंगा फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
स्लो शुरुआत: फिल्म का फर्स्ट हाफ थोड़ा धीमा लगता है. बीच-बीच में कुछ सीन (जैसे मंगल ग्रह वाला सीन) थोड़े अजीब लगते हैं और मेन टॉपिक से ध्यान भटकाते हैं.
एवरेज म्यूजिक: ए.आर. रहमान का म्यूजिक फिल्म के हिसाब से थोड़ा कमजोर है. इम्तियाज अली की फिल्मों से हम हमेशा बेहतरीन म्यूजिक की उम्मीद करते हैं, जो इस बार पूरी नहीं हो पाई.
डायलॉग्स और भाषा: नसीरुद्दीन शाह के कुछ डायलॉग्स काफी जटिल हैं, जिन्हें समझना आम दर्शकों के लिए थोड़ा कठिन होगा. फिल्म के साथ सबटाइटल्स होने चाहिए थे.
निष्कर्ष
‘मैं वापस आऊंगा’ एक अलग किस्म की फिल्म है. यह उन लोगों के लिए है जो सिनेमा में गहराई और इमोशन्स ढूंढते हैं. भले ही फिल्म कमर्शियल मसाला फिल्म न हो, लेकिन इसका क्लाइमेक्स और नसीरुद्दीन शाह की परफोर्मेंस इसे ‘मस्ट वॉच’ बनाता है.
Special Request:
दोस्तों, क्या आपने ‘मैं वापस आऊंगा’ देखी? नसीरुद्दीन शाह के उस इमोशनल क्लाइमेक्स ने आपको भी रुला दिया? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.