Aankhen Movie History: बॉलीवुड में कई बार ऐसा देखने को मिला है, जब एक ही नाम से अलग-अलग फिल्में बनाई गईं. इन फिल्मों के नाम भले ही एक जैसे रहे हों, लेकिन उनकी कहानी, कलाकार और फिल्म बनाने का अंदाज़ बिल्कुल अलग था. ऐसा ही एक दिलचस्प नाम है ‘आंखें’, जिसके साथ हिंदी सिनेमा के अलग-अलग दौर में चार फिल्मों की चर्चा होती है.
इन फिल्मों में कहीं फैमिली ड्रामा देखने को मिला, तो कहीं जासूसी और देश की सुरक्षा से जुड़ी कहानी दिखाई गई. एक फिल्म में गोविंदा की कॉमेडी ने दर्शकों का मनोरंजन किया, जबकि दूसरी में अमिताभ बच्चन ने बैंक लूटने की एक अनोखी योजना बनाई. दिलचस्प बात यह है कि इन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन भी अलग-अलग रहा.
तो आइए, Title Ek Film Anek की इस कड़ी में जानते हैं आंखें नाम से बनीं चारों फिल्मों के रिलीज़ वर्ष, मुख्य कलाकार, खास बातें और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के बारे में.
Aankhen Movie History: 1950 से 2002 तक ‘आंखें’ नाम से बनी सभी फिल्मों का सफ़र
Aankhen (1950)
आंखें नाम से चर्चा में आने वाली पहली फिल्म साल 1950 में रिलीज़ हुई थी. इस फिल्म का डायरेक्शन देवेंद्र गोयल ने किया था. इसमें भारत भूषण, नलिनी जयवंत और शेखर जैसे कई बड़े सितारे नजर आए. यह उस दौर की फिल्म थी, जब हिंदी सिनेमा में पारिवारिक कहानियों, भावनात्मक दृश्यों और संगीत को काफी महत्व दिया जाता था.
इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए इसकी सफलता और असफलता के बारे में फिलहाल कुछ भी कहना सही नहीं है.
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Aankhen (1968)
साल 1968 में इसी नाम से एक और फिल्म रिलीज़ हुई, लेकिन इस बार कहानी और फिल्म का अंदाज़ पूरी तरह बदल गया था. रामानंद सागर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में धर्मेंद्र, माला सिन्हा, महमूद, कुमकुम, ललिता पवार और जीवन जैसे कलाकार नजर आए.
1950 की फिल्म से अलग, 1968 की आंखें जासूसी, खुफिया मिशन और देश की सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम पर आधारित थी. फिल्म में रोमांच और एक्शन का ऐसा मेल देखने को मिला, जिसने इसे उस दौर की चर्चित फिल्मों में शामिल कर दिया. बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड में 1968 की आंखें को बड़ी सफलता मिली और ब्लॉकबस्टर रही.

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Aankhen (1993)
आंखें नाम से बनी फिल्मों में सबसे ज्यादा पॉपुलर फिल्मों में से एक साल 1993 में रिलीज़ हुई थी. डेविड धवन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में गोविंदा, चंकी पांडे, राज बब्बर, शिल्पा शिरोडकर, रितु शिवपुरी और रागेश्वरी जैसे कलाकार नजर आए.
इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत गोविंदा का डबल रोल और कॉमेडी से भरपूर कहानी थी. फिल्म में दो भाइयों के कारनामों, गलतफहमियों और राजनीतिक साजिशों के जरिए मनोरंजन पेश किया गया. डेविड धवन की डायरेक्शन शैली और गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग ने फिल्म को दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई.
फिल्म के म्यूजिक ने भी इसकी पॉपुलैरिटी बढ़ाने में योगदान दिया. इसका गाना ‘लाल दुपट्टे वाली’ आज भी दर्शकों को खूब पसंद है. इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉरमेंस के बारे में बात करें तो ये फिल्म उस साल बड़ी ब्लॉकबस्टर रही जोकि साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी.

Aankhen (2002)
साल 2002 में आंखें नाम से चौथी फिल्म रिलीज़ हुई. विपुल अमृतलाल शाह के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, अर्जुन रामपाल, परेश रावल, सुष्मिता सेन और आदित्य पंचोली जैसे कलाकार नजर आए.
इस फिल्म की कहानी एक बैंक मैनेजर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे नौकरी से निकाल दिया जाता है. बदला लेने के लिए वह एक खतरनाक योजना बनाता है और तीन नेत्रहीन लोगों को बैंक लूटने की ट्रेनिंग देने का फैसला करता है. इसके बाद कहानी में कई रोमांचक घटनाएं सामने आती हैं.
फिल्म की सबसे खास बात इसका अलग सब्जेक्ट था. आमतौर पर बैंक डकैती की कहानियों में अपराधियों को चोरी की योजना बनाते हुए दिखाया जाता है, लेकिन इस फिल्म में नेत्रहीन लोगों को इस योजना का हिस्सा बनाया गया. इसी वजह से फिल्म की कहानी ने दर्शकों के बीच अलग तरह की दिलचस्पी पैदा की.
ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एवरेज रही थी लेकिन बाद में इसे काफी पॉपुलैरिटी मिली.
आपकी राय?
अब सवाल यह है कि इन चारों फिल्मों में से आपकी पसंदीदा फिल्म कौन-सी है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए.