Govinda Double Roles: दोस्तों, बॉलीवुड में हीरो एक हो तो फिल्म संभालना मुश्किल लेकिन गोविंदा तो ऐसे कलाकार हैं, जो एक ही फिल्म में दो-दो किरदार निभाकर भी दर्शकों को हँसा सकते हैं. कभी एक गोविंदा शरीफ बनकर घूमता है, तो दूसरा शरारतें करता है. कभी एक पुलिसवाला है, तो दूसरा ऐसा भाई कि पुलिसवालों की भी छुट्टी करवा दे.
लेकिन असली सवाल ये है कि गोविंदा की डबल रोल वाली हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी या कुछ फिल्मों में दो गोविंदा होने के बावजूद टिकट खिड़की पर सन्नाटा छा गया? आज जानेंगे गोविंदा की डबल रोल वाली फिल्मों के बारे में, उनके बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट और कुछ ऐसे मज़ेदार किस्से, जिन्हें सुनकर आप भी हैरान रह जायेंगे.

Govinda Double Roles फिल्मों का Hit-Flop सफर
Gentleman (1989)
सबसे पहले बात करते हैं साल 1989 की फिल्म Gentleman की. इस फिल्म में गोविंदा ने हरि और ओम नाम के जुड़वाँ भाइयों का किरदार निभाया था. दोनों बचपन में अलग हो जाते हैं और बड़े होकर उनकी ज़िंदगी में पहचान का ऐसा खेल शुरू होता है कि कहानी में गड़बड़ होना तय है. अब सोचिए, अगर आपके घर में आपका हमशक्ल आ जाए, तो कम से कम आपके हिस्से का काम तो कर ही सकता है.
लेकिन गोविंदा की दुनिया में हमशक्ल आने का मतलब है—गलतफहमी, भागदौड़ और मुसीबतों की पूरी दुकान. हालाँकि फिल्म की डबल रोल वाली तरकीब के बावजूद इसे बड़ी सफलता नहीं मिली. रिपोर्ट्स में इसे फ्लॉप बताया गया है.
Jaan Se Pyaara (1992)
अब आते हैं साल 1992 की फिल्म Jaan Se Pyaara पर. इस फिल्म में गोविंदा ने इंस्पेक्टर जय और उसके जुड़वाँ भाई सुंदर का किरदार निभाया था. एक तरफ पुलिस की ज़िम्मेदारी और दूसरी तरफ परिवार की चिंता—यानी एक ही एक्टर के सामने दो अलग-अलग दुनिया.
गोविंदा ने दोनों किरदारों को अलग अंदाज़ देने की कोशिश की. फिल्म में एक्शन और फॅमिली ड्रामा देखने को मिला. बॉक्स ऑफिस के मामले में इसे उतना अच्छा रिस्पोंस नहीं मिला और बॉक्स ऑफिस पर इसे एवरेज डिक्लेअर किया गया.
Aankhen (1993)
अब बात उस फिल्म की, जिसका नाम सुनते ही गोविंदा के चाहने वालों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है—Aankhen. साल 1993 में आई इस कॉमेडी फिल्म में गोविंदा ने मुन्नू और बंनू जैसे जुड़वाँ किरदारों से दर्शकों को खूब हँसाया. फिल्म में चंकी पांडे भी मेन लीड में थे. दोनों भाइयों की शरारतें और उनकी वजह से पैदा होने वाली गलतफहमियाँ कहानी को मज़ेदार बनाती हैं.
यहाँ गोविंदा की कॉमेडी का असली खेल दिखाई देता है. एक ही एक्टर के दो अलग-अलग किरदार, लेकिन दोनों की हरकतों ऑडियंस इतनी एंटरटेन हुई की ऑडियंस को मजा आ गया. और बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म की परफॉरमेंस जबरदस्त रही. बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म बड़ी सक्सेसफुल रही और ब्लॉकबस्टर भी.

Hathkadi (1995)
अब चलते हैं साल 1995 में और बात करते हैं Hathkadi की. इस फिल्म में गोविंदा ने दो किरदार निभाए थे. कहानी में एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर और उसके भाई से जुड़ा कनेक्शन है, जो बदले और अपराध की दुनिया तक पहुँचता है.
यहाँ गोविंदा का अंदाज़ केवल हँसी-मज़ाक वाला नहीं था. फिल्म में एक्शन और सीरियस इमोशन की भी जगह थी. हालाँकि, बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की परफॉरमेंस Aankhen जैसी शानदार नहीं रही. Box Office India ने Hathkadi को एवरेज बताया है. यानी डबल रोल का इस्तेमाल जरूर हुआ, लेकिन कमाई में डबल धमाका नहीं हो पाया.
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Bade Miyan Chote Miyan (1998)
अब नाम है Bade Miyan Chote Miyan. साल 1998 की इस पॉपुलर कॉमेडी फिल्म में अमिताभ बच्चन और गोविंदा की जोड़ी ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. दोनों पुलिस ऑफिसर के रोल में दिखाई दिए और फिल्म की कहानी में डबल रोल से जुड़ी गड़बड़ियों ने कॉमेडी का तड़का लगाया. जब बड़े मियाँ और छोटे मियाँ एक साथ निकलते हैं, तो क्रिमिनल्स को पकड़े जाने की चिंता कम और अपनी पहचान बचाने की चिंता ज़्यादा हो जाती है.
गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग फिल्म की बड़ी खासियत रही. फिल्म कमर्शियल सक्सेसफुल रही और इसे आज भी टीवी पर खूब पसंद किया जाता है. वैसे आपको बता दूं कि बड़े मियां छोटे मियां, शाहरुख की फिल्म कुछ कुछ होता है के साथ रिलीज हुई थी इसी वजह से ये फिल्म उतनी अच्छी कमाई नहीं कर पाई. हालांकि बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म हिट रही थी.

Anari No. 1 (1999)
अब आते हैं Anari No. 1 पर, जो साल 1999 में रिलीज़ हुई थी. इस फिल्म में गोविंदा की कॉमेडी और पहचान की गड़बड़ियों ने कहानी को आगे बढ़ाया. फिल्म की कहानी में दोहरी पहचान का खेल ऐसा है कि अगर कोई किरदार अपना नाम बता भी दे, तो सामने वाला पूछ सकता है—भाई, असली वाला या डुप्लीकेट?
यह फिल्म उन दर्शकों को पसंद आ सकती है जिन्हें नब्बे के दशक की हल्की-फुल्की कॉमेडी और गोविंदा का चुलबुला अंदाज़ पसंद था. ऑडियंस की फिल्म काफी पसंद आई और बॉक्स ऑफिस पर सेमी-हिट रही.
Waah. Tera Kya Kehna (2002)
अब बात करते हैं साल 2002 की फिल्म Waah. Tera Kya Kehna की. इस फिल्म में भी गोविंदा ने डबल रोल निभाया और कहानी में पहचान, रिश्तों और कॉमेडी से जुड़ी सिचुएशन देखने को मिली. नाम सुनकर तो ऐसा लगता है कि फिल्म देखने के बाद ऑडियंस ने कहा होगा—वाह, क्या बात है. लेकिन बॉक्स ऑफिस की कहानी कुछ अलग रही.
Box Office India ने इसे डिज़ास्टर बताया. यानी गोविंदा के दो किरदार होने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सक्सेसफुल नहीं हो पाई.
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Sandwich (2006)
अब चलते हैं साल 2006 में, जहाँ गोविंदा की फिल्म का नाम ही था Sandwich. फिल्म में गोविंदा के किरदार की निजी ज़िंदगी में ऐसी उलझनें पैदा होती हैं कि मामला सचमुच सैंडविच बन जाता है. रवीना टंडन और महिमा चौधरी भी फिल्म का हिस्सा थीं. कॉमेडी पंच: आम आदमी सैंडविच में आलू और चटनी ढूँढ़ता है, लेकिन गोविंदा की ज़िंदगी में सैंडविच का मतलब है—दो बीवी, दोनों से परेशानी और बीच में बेचारा हीरो.
गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग लोगों को पसंद आई और आज भी से टीवी पर काफी पसंद किया जाता है. लेकिन बॉक्स ऑफिस के लिहाज़ से फिल्म सक्सेसफुल नहीं रही. कई रिपोर्ट्स में इसे डिज़ास्टर बताया गया है. यानी नाम भले ही Sandwich था, लेकिन कमाई में वैसा स्वाद नहीं आया जिसकी उम्मीद की गई होगी.

Rangeela Raja (2019)
लिस्ट में अब नाम आता है साल 2019 की फिल्म Rangeela Raja का. इस फिल्म में गोविंदा दो अलग-अलग किरदारों में दिखाई दिए. फिल्म की कहानी और उनका डबल रोल दर्शकों को फिर से उनके पुराने कॉमेडी वाले अंदाज़ की याद दिलाने की कोशिश करते हैं. लेकिन 2019 तक दर्शकों की पसंद, फिल्मों का प्रोमोशन और बॉक्स ऑफिस का कम्पटीशन काफी बदल चुका था.
पिछली बार की तरह इस फिल्म को भी दर्शकों ने नकार दिया और बॉक्स ऑफिस ये डिज़ास्टर हो गई. यह फिल्म इस बात की याद दिलाती है कि किसी स्टार की पुरानी पॉपुलैरिटी अपने आप किसी नई फिल्म को सक्सेसफुल नहीं बना सकती. जब तक की उसमे कहानी ढंग की ना हो.
दीजिये अपनी राय
क्या आपके लिए Aankhen सबसे मज़ेदार फिल्म है, या Sandwich की उलझी हुई कहानी आज भी आपको हँसा देती है? कमेंट में अपनी पसंदीदा फिल्म का नाम ज़रूर लिखिए.