Dupahiya Season 2 Review: पेपर लीक का मुद्दा और कॉमेडी के साथ फिर लौटी गांव की कहानी

Dupahiya Season 2 Review: गांव की जिंदगी, अजीबोगरीब किरदार और हंसी-मजाक से भरपूर Dupahiya का दूसरा सीजन एक बार फिर दर्शकों का मनोरंजन करने आ चुका है. पहले सीजन में जहां गांव की एक मोटरसाइकिल के गायब होने से खूब हंगामा मचा था, वहीं इस बार कहानी में 5G टावर और एग्जाम में धांधली जैसे मुद्दे शामिल किए गए हैं.

इस बार भी झा परिवार मुसीबतों में घिरा हुआ है. किसी को अपनी नौकरी बचानी है, तो किसी को परीक्षा पास करके शहर जाना है. लेकिन इन सबके बीच गांव में ऐसा बवाल मचता है कि हर किसी की मुश्किलें बढ़ जाती हैं.

Dupahiya Season 2 की कहानी

कहानी धड़कपुर गांव से शुरू होती है, जहां पहले सीजन की घटनाओं के बाद अब गांव अपराध-मुक्त नहीं रहा. दूसरी तरफ, बनवारी झा यानि कि गजराज राव की नौकरी जा चुकी है. उनकी बेटी रोशनी यानि कि शिवानी रघुवंशी ने कुबेर यानि अविनाश द्विवेदी से अपनी शादी तोड़ दी थी. इसके बाद उसने चुनौती दी थी कि वह अपनी मेहनत से एसएससी की परीक्षा पास करेगी और शहर जाकर अपना भविष्य बनाएगी.

लेकिन पढ़ाई में रोशनी को लगातार मुश्किलें आ रही हैं. ऐसे में वह परीक्षा पास करने के लिए नकल का सहारा लेने का फैसला करती है. इसके लिए वह प्रथम कुमार यानि दिनेश लाल यादव के पास पहुंचती है, जो ज्ञान बुनियाद नाम से कोचिंग सेंटर चलाता है. हालांकि, उसका असली धंधा परीक्षा में नकल करवाना और पेपर लीक करना है. प्रथम रोशनी की मदद करने के लिए तैयार हो जाता है, लेकिन इसके बदले वह दो लाख रुपये मांगता है.

उधर, बनवारी को भी दो लाख रुपये कमाने का एक मौका मिलता है. उसे अपनी जमीन पर 5G मोबाइल टावर लगवाने के लिए दो लाख रुपये एडवांस देने का प्रस्ताव मिलता है. शुरुआत में बनवारी इस सौदे से खुश होता है, लेकिन गांव वालों को सोशल मीडिया पर पता चलता है कि 5G टावर से पुरुषों की सेहत पर असर पड़ता है. इसके बाद गांव वाले टावर लगाने का विरोध शुरू कर देते हैं.

अब एक तरफ रोशनी को परीक्षा पास करने के लिए पैसों की जरूरत है, तो दूसरी तरफ बनवारी भी अपनी आर्थिक परेशानियों से बाहर निकलना चाहता है. दोनों ही किसी भी तरह पैसे जुटाने की कोशिश में लग जाते हैं. इस दौरान रोशनी का भाई भूगोल यानि स्पर्श श्रीवास्तव और उसका प्रेमी अमावस भुवन अरोड़ा भी उसकी मदद करते हैं.

इसी बीच पुलिस ऑफिसर मिथिलेश कुशवाहा यानि यशपाल शर्मा को परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के इस पूरे खेल की जानकारी मिलती है. वह मामले की जांच शुरू कर देता है. यानि की सीरीज के सभी किरार आपस में जुड़ जाते हैं. इसके बाद धड़कपुर में क्या-क्या होता है, यही इस सीजन में आपको देखने को मिलने वाला है.

 

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Dupahiya Season 2 Review in Hindi

Dupahiya Season 2 में क्या है ख़ास?

चिराग गर्ग और अविनाश द्विवेदी ने पहले सीजन की कहानी को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी गांव की जिंदगी से जुड़े कई मजेदार पहलुओं को सीजन में शामिल किया है. इस बार भी इसमें ऐसे कई हास्यपूर्ण पल हैं, जो दर्शकों को खूब हंसाते हैं. डायलॉग्स काफी दमदार हैं जोकि दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ते हैं.

पेपर लीक का मुद्दा काम कर गया

पहले सीजन में गायब हुई मोटरसाइकिल ने पूरे गांव को परेशान कर दिया था. इस बार मोबाइल टावर का विरोध कहानी में नया मोड़ लेकर आता है. गांव वालों के विरोध के कारण झा परिवार अलग-थलग पड़ जाता है. इस घटनाक्रम में कुछ मजेदार पल जरूर हैं, लेकिन परीक्षा में नकल और पेपर लीक का मामला इस सीजन का सबसे मजबूत हिस्सा है.

देश में हाल के वर्षों में परीक्षा के पेपर लीक और धांधली के मामले लगातार चर्चा में रहे हैं. ऐसे में इस सब्जेक्ट को कहानी में शामिल करना इसे मौजूदा हालात से जोड़ता है और इसके लिए मेकर्स की तारीफ तो बनती है.

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स्टार कास्ट की परफॉरमेंस

गजराज राव एक बार फिर बनवारी झा के किरदार में शानदार लगते हैं. शिवानी रघुवंशी, रोशनी के किरदार में बेहद प्रभावशाली हैं. खासकर अमावस के साथ उनके दृश्यों में उनके चेहरे के भाव और प्रतिक्रिया देखने लायक हैं. भुवन अरोड़ा ने अमावस के रूप में दमदार अभिनय किया है. इन सब के अलावा स्पर्श श्रीवास्तव इस शो की जान हैं. भूगोल के रूप में उनकी शरारतें और मजेदार हरकतें खूब हंसाती हैं.

दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ प्रथम कुमार के रूप में सहज और मजेदार हैं. वहीँ यशपाल शर्मा को इस सीजन में पहले से ज्यादा समय मिला है. रेणुका शहाणे पुष्पलता के रूप में कुछ सीन्स में अपनी छाप छोड़ती हैं. इनके अलावा बाकी किरदार भी अपनी-अपनी जगह ठीक ठाक रहे हैं.

Dupahiya Review in Hindi

Dupahiya Season 2 Negative Points

इस सीजन में कॉमेडी और इमोशन भरपूर है लेकिन इसमें पहले जैसी हंसी और चुटीलेपन की कमी महसूस होती है. कहानी में कई जगह अचानक फनी मोमेंट आ जाते हैं जोकि इमोशन को कम कर देते हैं. इसी वजह से ये बदलाव हर बार काम नहीं करता. इसके अलावा इसकी एंडिंग में दर्शकों के मन के मुताबिक नहीं होती है. गांव वाले जिस आसानी से पुरानी बातों को भुलाकर सब कुछ स्वीकार कर लेते हैं, वह थोड़ा अटपटा लगता है.

म्यूजिक और तकनीकी पक्ष

इस सीजन में केवल एक गाना रखा गया है, लेकिन वह खास प्रभाव नहीं छोड़ता. सोमेश साहा का बैकग्राउंड म्यूजिक शो के मजेदार और अजीबोगरीब माहौल के साथ अच्छी तरह मेल खाता है. पीयूष पुट्टी की सिनेमैटोग्राफी प्रभावशाली है.

फाइनल वर्ड

कुल मिलाकर, Dupahiya Season 2 एक मनोरंजक और मौजूदा मुद्दों से जुड़ा सीजन एंटरटेनिंग है. इसकी सबसे बड़ी ताकत स्टार कास्ट की दमदार एक्टिंग, डायलॉग्स और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय को कहानी में शामिल करना है. हालांकि, पहले सीजन की तुलना में इस बार कॉमेडी थोड़ी कम है लेकिन इमोशन के साथ इसमें संतुलन बना रहता है.

दीजिये अपनी राय?

आपको Dupahiya का पहला सीजन ज्यादा पसंद आया था या दूसरा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं.

Founder & Author : My name is Deepak Giri & I am from New Delhi, India. Filmi FryDay is your one stop shop for everything Entertainment.

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