Baby Do Die Do Movie Review in Hindi: हम कुरैशी की फिल्म Baby Do Die Do थियेटरों में आ चुकी है. गौरतलब है कि फिल्म अपनी रिलीज़ से पहले फिल्म अपने यूनिक कांसेप्ट को लेकर काफी चर्चा में थी लेकिन क्या वाकई फिल्म उतनी ही अच्छी है या नहीं? आइये डिटेल में बात कर लेते हैं.
कैसी है फिल्म की कहानी?
फिल्म में मुंबई में रहने वाली बेबी करमाकर यानि कि Huma Qureshi की कहानी दिखाई गई है. बाहर की दुनिया के लिए वह एक साधारण महिला है, लेकिन असलियत में वह एक प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट किलर है. इस बारे में किसी को नहीं पता यहाँ तक कि उसके घरवाले भी ये बात नहीं जानते हैं. बेबी और पी.एम. जैन यानि Chunky Panday साथ में मिलकर काम करते हैं. जैन शहर के बड़े लोगों के लिए सुपारी लेकर बेबी से हत्याएं करवाता है.
सब कुछ ठीक चल रहा होता है लेकिन तभी एक हाई-प्रोफाइल हत्या हो जाने के बाद पुलिस बेबी के पीछे पड़ जाती है और यहीं से कहानी कई नए मोड़ लेती है. अब बेबी क्या करेगी? कहानी में आगे क्या होता है? जानने के लिए आपको थियेटर जाना होगा.
Watch Baby Do Die Do Movie Trailer
Baby Do Die Do Movie Review in Hindi
फिल्म में क्या अच्छा है?
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत Huma Qureshi हैं. उन्होंने पूरी फिल्म में बिना डायलॉग बोले ही सब कुछ कह दिया है. आप इसे हुमा के करियर की सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस भी कह सकते हैं. इनके अलावा Sikandar Kher, Rachit Singh, Seema Pahwa, Arun Kushwah, Marudhar Shekhawat के अलावा सभी सपोर्टिंग कास्ट अपने-अपने किरदारों में फिट नजर आई है.
फिल्म का डायरेक्शन Nachiket Samant ने किया है जिन्होंने फिल्म को अलग अंदाज़ में पेश किया है. कई सीन्स में आपको स्प्लिट स्क्रीन, डार्क विजुअल्स और स्टाइलिश कैमरा वर्क देखने को मिलेगा जोकि काफी बेहतरीन तरीके से दिखाया गया है.
सेकंड हाफ में कई ऐसे ट्विस्ट दिखाई देंगे जिन्हें देखकर ऑडियंस हैरान रह जाएगी. इसी वजह से ये और भी रोमांचक हो जाती है जिससे ऑडियंस एंट तक थियेटर में बनी रहती है.
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक अच्छा है और लगभग हर सीन में फिट बैठता है. इसके अलावा कैमरा वर्क और सिनेमैटोग्राफी भी इसके प्लस पॉइंट्स में से एक है. एक्शन सीक्वेंस ज्यादा ओवर नहीं लगते बल्कि सभी को बैलेंस बनाकर ही दिखाया गया है.
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कहाँ कमी रह गई?
फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसका विलेन है. जितना खतरनाक उसे दिखाने की कोशिश की गई है असल में वो उतना खतरनाक नजर नहीं आता. फिल्म में कुछ घटनाएँ ऐसी भी घटती हैं जिन पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल है. फिल्म में कई करैक्टर ऐसे हैं जिनकी कहानी अधूरी सी नजर आती है. कुछ किरदारों का फिल्म में ना होना ही बेहतर था और इसी वजह से कई जगह फिल्म थोड़ी स्लो लग सकती है.
इसे कमी नहीं कह सकते लेकिन YRF की फिल्म अल्फा के साथ रिलीज करना, मेकर्स से लिए एक गलत फैसला हो सकता है. क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की बड़ी स्क्रीन्स पर अल्फा का कब्ज़ा है. ऐसे में बेबी डू डाई डू को ज्यादा से ज्यादा स्क्रीन मिलना संभव नहीं है. यही वजह है कि फिल्म की कमाई पर असर देखने को मिल सकता है.
फाइनल वर्डिक्ट
अगर आपको डार्क क्राइम थ्रिलर फ़िल्में पसंद है तो Baby Do Die Do आपको एक बार जरूर देखनी चाहिए. वैसे फिल्म हर जगह परफेक्ट तो नहीं है, लेकिन Huma Qureshi की शानदार परफॉरमेंस के लिए आप इसे मिस ना करें. फिल्म में आपको बहुत कुछ ऐसा भी देखने को मिलेगा जोकि बॉलीवुड में अभी तक नहीं दिखाया गया है.
आपकी राय मायने रखती है:
क्या Baby Do Die Do, यशराज बैनर की फिल्म Alpha को टक्कर दे पाएगी? कमेंट में अपनी राय जरूर दीजिये.