System Movie Review in Hindi: पसंद आएगी सोनाक्षी और ज्योतिका की कोर्टरूम ड्रामा ‘सिस्टम’

System Movie Review in Hindi: बॉलीवुड में ‘जॉली एलएलबी’ और ‘मामला लीगल है’ जैसी फिल्मों और सीरीज के बाद कोर्टरूम ड्रामा को देखने का नजरिया बदला है. इसी कड़ी में अब सोनाक्षी सिन्हा और साउथ एक्ट्रेस ज्योतिका की नई फिल्म ‘सिस्टम’ (System) भी दस्तक दे चुकी है. अश्विनी अय्यर तिवारी (बरेली की बर्फी फेम) के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म कानूनी दांव-पेंच के साथ-साथ रिश्तों के ‘सिस्टम’ को भी टटोलती है.

Watch System Movie Full Hindi Trailer

System Movie Storyline in Hindi: सिस्टम फिल्म की कहानी

कहानी नेहा राजवंश यानि कि सोनाक्षी सिन्हा की है, जो दिल्ली के सबसे मशहूर और रसूखदार वकील रवि राजवंश यानि कि आशुतोष गोवारिकर की बेटी है. नेहा खुद एक वकील बनना चाहती है, लेकिन उसके पिता की शर्त है कि जब तक वह स्वतंत्र रूप से 10 केस नहीं जीत जाती, उसे उनकी फर्म में एंट्री नहीं मिलेगी. नेहा सरकारी वकील अहलावत यानि कि प्रणय नारायण के अंडर काम शुरू करती है.

यहाँ नेहा की मुलाकात हाई कोर्ट की स्टेनोग्राफर सारिका रावत यानि ज्योतिका से होती है. बरसों तक कोर्ट की कार्यवाही को करीब से देखने वाली सारिका के पास गजब के इनपुट्स होते हैं. अपनी बेटी की पढ़ाई और पैसों की तंगी के कारण सारिका 20 हजार प्रति केस की फीस पर नेहा की मदद करने को तैयार हो जाती है. दोनों मिलकर लगातार 9 केस जीत जाती हैं.

आखिरी और 10वां केस एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की हत्या का है, जहाँ नेहा का सामना अदालत में किसी और से नहीं, बल्कि खुद उसके पिता रवि राजवंश से होता है. लेकिन इसमें जीत किसकी होती है? जानने के लिए आपको ये पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by prime video IN (@primevideoin)

Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Trailer Review: क्या Varun Dhawan और David Dhawan की जोड़ी फिर मचाएगी धमाल? रिलीज हुआ HJTIHH का मजेदार ट्रेलर

System Movie Review in Hindi

सिस्टम फिल्म के प्लस पॉइंट्स

अनोखा कांसेप्ट: हरमान बवेजा और अरुण सुकुमार की लिखी इस कहानी में एक स्टेनोग्राफर को वकील का ‘मास्टरमाइंड’ दिखाना बेहद ताज़ा और नया विचार है. यह पहलू फिल्म को पारंपरिक कोर्टरूम ड्रामा से अलग बनाता है.

कलाकारों का जुगलबंदी: सोनाक्षी सिन्हा ने एक ऐसी अमीर लड़की के किरदार को बखूबी निभाया है जो अपने दम पर पहचान बनाना चाहती है. वहीं, ज्योतिका ने अपने बेहद शांत, स्वाभाविक और प्रभावी अभिनय से पूरी महफिल लूट ली है. आशुतोष गोवारिकर ने बिना किसी लाउड ड्रामे के एक कड़क और अनुभवी वकील के रूप में शानदार काम किया है.

प्री-क्लाइमेक्स ट्विस्ट: फिल्म के सेकंड हाफ में आने वाला एक बड़ा ट्विस्ट ऑडियंस को पूरी तरह से चौंका देता है और सस्पेंस को भी बढ़ा देता है.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Sonakshi Sinha (@aslisona)

Chand Mera Dil Movie Review in Hindi: जबरदस्त है अनन्या और लक्ष्य की केमिस्ट्री लेकिन यहाँ हुई चूक

सिस्टम फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स

कोर्टरूम फेस-ऑफ की कमी: इंटरवल के बाद जब ऑडियंस को उम्मीद होती है कि पिता और बेटी के बीच अदालत में तीखी बहस और कानूनी जंग देखने को मिलेगी, वहाँ स्क्रिप्ट काफी ढीली पड़ जाती है. रवि राजवंश जैसा दिग्गज वकील अपनी बेटी के सामने कुछ ज्यादा नहीं कर पाता और कई बार उसके सामने हथियार डालता हुआ नजर आता है.

कमजोर क्लाइमेक्स: प्री-क्लाइमेक्स के बेहतरीन ट्विस्ट के बाद उम्मीदें बहुत बढ़ जाती हैं, लेकिन फिल्म का एंड बेहद ही सिंपल और प्रेडिक्टेबल है. जोकि दर्शकों की उम्मीदों पर पानी फेरता नजर आता है.

भटके हुए किरदार: गौरव पांडे ने फिल्म में अक्षय राव का रोल निभाया है जिसके लव ट्रैक की कहानी में कोई मूल्य नहीं होती. इतना ही नहीं आखिरी हिस्से में उनका किरदार अचानक गायब ही हो जाता है.

निष्कर्ष

‘सिस्टम’ कानूनी दांव-पेंच और पारिवारिक ड्रामा का एक अच्छा मिश्रण जरूर है. लेकिन कमजोर क्लाइमेक्स और कुछ तकनीकी चूकों के चलते कुछ ऑडियंस इसे नकार सकती है. हालांकि इसके बावजूद, सोनाक्षी-ज्योतिका की बेहतरीन जुगलबंदी और अश्विनी अय्यर तिवारी के सधे हुए डायरेक्शन की वजह से इसे एक बार जरूर देखा जा सकता है.

Special Request:

दोस्तों, क्या आपको लगता है कि असल जिंदगी में भी कोर्ट के स्टेनोग्राफर्स और क्लर्क्स के पास वकीलों से ज्यादा व्यावहारिक समझ होती है? सोनाक्षी और ज्योतिका की यह अनोखी जोड़ी आपको कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.

Founder & Author : My name is Deepak Giri & I am from New Delhi, India. Filmi FryDay is your one stop shop for everything Entertainment.

Leave a Comment