Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Review in Hindi: बॉलीवुड के दिग्गज कॉमेडी किंग डेविड धवन (David Dhawan) एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में दर्शकों को पेट पकड़कर हंसाने के लिए लौट आए हैं. वरुण धवन, पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ (Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai) फाइनली सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. निर्माता कंपनी ‘टिप्स’ (Tips) के बैनर तले बनी यह फिल्म पूरी तरह से 90 के दशक की कॉमेडी की याद दिलाती है, जहाँ सिर्फ एंटरटेनमेंट ही आपका एकमात्र मकसद होता है.
Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Storyline in Hindi: है जवानी तो इश्क होना है की कहानी
कहानी जस यानि वरुण धवन और बानी यानि कि मृणाल ठाकुर से शुरू होती है. बानी एक बड़ी कंपनी की सीईओ (CEO) है और वह कोर्ट में जस से तलाक मांग रही है, और वजह बेहद अजीब है. उसका कहना है कि जस उससे जरूरत से ज्यादा प्यार करता है और हर वक्त फिजिकल होना चाहता है. जस दलील देता है कि वह बस बाप बनना चाहता है, लेकिन बानी अपने करियर की वजह से ऐसा नहीं चाहती.
जज यानि अली असगर दोनों को 6 महीने का समय देते हैं. इसके बाद बानी जस से आगे बढ़ने के लिए कहती है और दोनों आखिरी बार शराब के नशे में एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं. इसके बाद जस एक फोटोग्राफर के रूप में यूके (UK) शिफ्ट हो जाता है, जहाँ उसकी मुलाकात प्रीत यानि कि पूजा हेगड़े से होती है. प्रीत जस के प्यार में पड़ जाती है और उसे अपने आलीशान घर बुलाकर अपने बंदूकबाज भाई जोगी रंधावा यानि जिमी शेरगिल से मिलवाती है.
जोगी जस को धमकी देता है कि अगर उसने प्रीत को धोखा दिया, तो वह उसे जान से मार देगा. बानी की बात मानकर जस भी प्रीत से प्यार करने लगता है. कहानी में असली भूचाल तब आता है, जब ‘इंटरनेशनल प्रेग्नेंसी डे’ पर प्रीत अपनी प्रेग्नेंसी का एलान करती है और ठीक उसी दिन बानी भी लंदन पहुँचकर बताती है कि वह भी उस आखिरी रात की वजह से प्रेग्नेंट हो गई है.
अब जस अपनी दोनों पत्नियों और दोनों बच्चों के सीक्रेट को एक-दूसरे से छुपाने के चक्रव्यूह में फंस जाता है. इस काम में उसकी मदद करने आता है उसका पक्का दोस्त कुन्नू यानि कि मनीष पॉल. इसके बाद अस्पताल, डॉक्टर और फर्जी रिश्तों का जो ड्रामा शुरू होता है, वही फिल्म का मेन पॉइंट है.
Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Watch Full Trailer
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Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Review in Hindi
है जवानी तो इश्क होना है के प्लस पॉइंट्स
वरुण धवन की शानदार परफॉरमेंस: अपने पिता डेविड धवन के साथ चौथी फिल्म (मैं तेरा हीरो, जुड़वा 2, कुली नं. 1) में वरुण पूरी तरह से अपने रंग में दिखे हैं. वे कॉमिक सीन्स में जितने गोफू और चालाक लगते हैं, मुसीबत में फंसने पर उतने ही हताश और बेबस दिखते हैं. इस फिल्म के वरुण ने काफी मेहनत की है और एक्टिंग पर भी काफी ध्यान दिया है.
सपोर्टिंग कास्ट: फिल्म में कॉमिक किरदारों की पूरी फौज है. डॉ. गुलाटी के रूप में चंकी पांडे अपनी ‘हाउसफुल’ वाली फॉर्म में हैं. अस्पताल के असिस्टेंट ‘सेल्फी’ कुमार के रोल में राकेश बेदी और जस की फर्जी मां ‘रसमलाई’ के रूप में मौनी रॉय ने बेहतरीन काम किया है. जिमी शेरगिल का सीरियस रोल भी अपने आप में कॉमेडी से कम नहीं है. राजेश कुमार (मक्खी) का शक्की मिजाज वाला रोल भी आपको मजेदार लगेगा.
पुराने महारथियों की एंट्री: जस के पुराने स्कूल टीचर्स के रूप में मनोज पाहवा, राजपाल यादव और जॉनी लीवर की तिकड़ी जब भी स्क्रीन पर आती है, थिएटर्स तालियों से गूँज उठता है. उनके पुराने टिप्स जस के बड़े काम आते हैं. इसके अलावा डायलॉग्स में पुरानी कल्ट हिंदी फिल्मों के रेफेरेंस काफी अच्छे से इस्तेमाल किए गए हैं जिन पर ऑडियंस जरूर हँसेगी.
कृति सेनन का धमाकेदार कैमियो: जस की स्कूल फ्रेंड ‘दिशा’ के रूप में कृति सेनन का कैमियो फिल्म का एक बड़ा सरप्राइज होने वाला है.
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है जवानी तो इश्क होना है के नेगेटिव पॉइंट्स
कमजोर म्यूजिक: किसी भी फिल्म के सफल बनाने में उसके म्यूजिक का भी बहुत बड़ा हाथ होता है लेकिन ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के केस में मेकर्स मार खा गए हैं. फिल्म के ओरिजिनल गाने अच्छे नहीं है लेकिन अनु मलिक के पुराने गाने का री-क्रिएशन ही ऑडियंस को पसंद आ सकता है.
एक्ट्रेसेस को दिया कम स्पेस: पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर स्क्रीन पर बेहद खूबसूरत लगी हैं, लेकिन उनके किरदारों को सिर्फ ग्लैमर और कहानी को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया है. कुब्रा सैत, राकेश बेदी और आयशा रज़ा जैसे कलाकारों को भी मेकर्स ने काफी कम स्पेस दिया है.
निष्कर्ष
‘कुली नं. 1’ की असफलता के बाद, डेविड धवन ने ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के जरिए शानदार वापसी की है. अगर आप बिना सिर-पैर की, लेकिन पूरी तरह से पैसा-वसूली और पेट दुखाने वाली साफ-सुथरी पारिवारिक कॉमेडी फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगी. उम्मीद है फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा बिज़नेस करेगी.
Special Request:
दोस्तों, क्या आपने 90 के दशक के किंग डेविड धवन की यह आखिरी कॉमेडी फिल्म देखी? वरुण धवन का यह ‘दो बीवियों और दो प्रेग्नेंसी’ वाला कन्फ्यूजन ड्रामा आपको कैसा लगा? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.