Gullak Season 5 Review in Hindi: 7 साल पहले जब ‘गुल्लक’ का पहला सीजन आया था, तो उसने हर मिडिल क्लास भारतीय परिवार को एक आईना दिखाया था. बिजली के बिलों पर झगड़ा, स्टील के डिब्बों की खनक और मिट्टी का वह गुल्लक, सब कुछ इतना अपना और रोंगटे खड़े कर देने वाला था कि लगा, टीवीएफ (TVF) ने हमारे घर की ही कहानी ही दिखाई है.
समय बदला और अब ये सीजन 5 तक पहुँच गया है लेकिन क्या ‘गुल्लक सीजन 5’ (Gullak S5) में भी वही पुरानी सादगी और अपनापन है या नहीं? आइये डिटेल में बात करते हैं.
Gullak Season 5 Storyline in Hindi: गुल्लक सीजन 5 की कहानी
पांचवें सीजन तक आते-आते यह शो अपनी उस सादगी को खो चुका है जिसे दर्शक देखना चाहते हैं. अब ‘गुल्लक’ सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है. संतोष मिश्रा यानि जमील खान अभी भी छोटी-मोटी लड़ाइयों से जूझ रहे हैं, शांति मिश्रा यानि कि गीतांजलि कुलकर्णी घर की राजनीति और उम्मीदों को संभाल रही हैं, और अनु-अमन बड़े हो रहे हैं. लेकिन, अब शो में पहले जैसा जादू नहीं है. सीक्वल पे सीक्वल बनाने के चक्कर में मेकर्स सीरीज की असली सादगी भूल चुके हैं.
Gullak Season 5 Watch Full Trailer
Gullak Season 5 Review in Hindi
गुल्लक सीजन 5 के प्लस पॉइंट्स
जमील खान और गीतांजलि कुलकर्णी: ये दोनों कलाकार इस डूबते हुए घर की इकलौती बुनियाद हैं. जमील खान का ‘संतोष मिश्रा’ अब तक की भारतीय वेब सीरीज के सबसे प्रामाणिक पिताओं में से एक है. वहीं, गीतांजलि कुलकर्णी शांति मिश्रा के किरदार में जान फूंक देती हैं. इन दोनों की एक्टिंग लाजवाब रही है और हमेशा की तरह ऑडियंस को पसंद आएगी.
बिट्टू की मम्मी का जलवा बरकरार: सुनीता राजवार यानि बिट्टू की मम्मी इस बार अपनी अदाकारी से सारी लाइमलाइट लूट ले जाती हैं. इंटरनेट के दौर में व्लॉगिंग करती, टॉक्सिक फेमिनिज्म की बातें करती और मोहल्ले की शांति भंग करती उनकी ‘शालिनी’ वाली भूमिका बेहद ही मनोरंजक है. बिट्टू की मम्मी नाम सुनते ही आपके चेहरे पर हंसी आ जाएगी. क्योंकि यही वो किरदार है जो हंसाने के मामले में अभी तक पीछे नहीं रहा है.
View this post on Instagram
गुल्लक सीजन 5 के नेगेटिव पॉइंट्स
अनु भैया का बदलाव: वैभब राज गुप्ता की जगह आनंद मिश्रा के रूप में अनंत वी. जोशी का आना इस फ्रेंचाइजी के लिए एक सबसे बड़ा माइनस पॉइंट है. अनंत ने कोशिश पूरी की है, लेकिन वैभब के साथ जो ‘केमिस्ट्री’ थी, वह इस बार पूरी तरह गायब है. ऑडियंस भी उनसे पूरी तरह जुड़ नहीं पाई है.
असली गुल्लक गायब: इस शो की असली हीरो वो ‘गुल्लक’ थी जो सिर्फ एक टाइटल नहीं, बल्कि मिडिल क्लास के संघर्ष की कहानी थी. लेकिन सीजन 5 ने उस मेटाफर को ही छोड़ दिया है. अब यह बस एक परिवार की कहानी है बनकर रह गई है.
सब-प्लॉट्स: इस सीजन में हेलली शाह का किरदार (डॉ. प्रीति) जबरदस्ती जोड़ा गया लगता है जोकि कहानी से कहीं पर कनेक्ट नहीं होता. सात एपिसोड में फैला यह सीजन कई जगह खिंचा हुआ और उबाऊ लगता है.
निष्कर्ष
‘गुल्लक 5’ उन पुराने फैंस के लिए है जो मिश्रा परिवार से भावनात्मक रूप से जुड़ चुके हैं. आप मुस्कुराएंगे जरूर, क्योंकि मिश्रा परिवार अभी भी वही है. कहानी के तौर पर नयापन भी कुछ नहीं है. देखते हुए आपको भी ऐसा लगेगा कि सीरीज को जबरदस्ती खींचा जा रहा है.
Special Request:
दोस्तों, क्या आपको भी लगता है कि ‘गुल्लक’ का जादू पहले दो सीजन में ही खत्म हो गया था? क्या अनु भैया के रिप्लेसमेंट ने आपके लिए भी शो का मजा किरकिरा कर दिया? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.