Sardar 2 Movie Review in Hindi: Karthi एक बार फिर स्पाई Sardar और Vijay Prakash के किरदार में बड़े पर्दे पर लौट आए हैं. साल 2022 में आई Sardar को ऑडियंस ने काफी पसंद किया था. फिल्म की कहानी, रोमांच और सोशल मैसेज ने इसे एक बेहतर और सफल फिल्म बनाया था. अब P. S. Mithran इसके सीक्वल Sardar 2 के साथ वापस आए हैं.
इस बार फिल्म का लेवल बड़ा है, खतरा बड़ा है और बजट भी पहले से ज्यादा नजर आता है. लेकिन क्या बड़ा लेवल फिल्म को बेहतर बनाने में कामयाब रहा? आइये डिटेल में बात करते हैं.
Sardar 2 Movie Storyline In Hindi
फिल्म की पूरी कहानी Operation Doku के इर्द-गिर्द घूमती है. यह ऐसा मिशन है, जो पूरे देश के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. भारत किसी तरह इसके असर को कम करने में कामयाब होता है, लेकिन Black Dagger यानी S. J. Suryah इसे दोबारा इस्तेमाल में लाकर देश के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर देता है.
अब Sardar, Vijay Prakash और दूसरे RAW एजेंट इस खतरनाक मिशन को रोकने की कोशिश करते हैं. लेकिन असली सवाल यह है कि Operation Doku आखिर है क्या और इसे रोकने के लिए Sardar को किस हद तक जाना पड़ेगा? फिल्म में आपको इन्ही सब सवालों के जवाब मिलने वाले हैं.

Sardar 2 Movie Review in Hindi
Sardar 2 Movie Plus Points
फिर छा गए Karthi
Sardar 2 की सबसे बड़ी ताकत एक बार फिर Karthi हैं. वह पिता और बेटे, दोनों भूमिकाओं में दमदार लगे हैं. खासकर इमोशनल सीन्स में उनकी एक्टिंग फिल्म को संभालती है. Karthi अपने किरदारों के बीच फर्क बनाए रखने में सफल रहते हैं.
Ashika Ranganath और Malavika Mohanan अपने-अपने किरदारों में ठीक हैं. वहीं S. J. Suryah ने हमेशा की तरह कमाल का काम किया है.
सोशल मैसेज बना फिल्म की जान
फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका सोशल मैसेज है. Sardar 2 में जरूरत से ज्यादा एंटीबायोटिक के इस्तेमाल को लेकर बात की गई है. आज के समय में यह सब्जेक्ट काफी महत्वपूर्ण है और फिल्म में इससे जुड़े कुछ डायलॉग्स भी असरदार हैं. डायरेक्टर P. S. Mithran ने इस मुद्दे को कहानी में शामिल करने की अच्छी कोशिश की है.
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Sardar 2 Movie Negative Points
स्क्रिप्ट रही कमजोर
पहली Sardar इसलिए कामयाब हुई थी क्योंकि उसकी कहानी की स्पीड अच्छी थी, रोमांच बना रहता था और सही समय पर जबरदस्त मसाला देखने को मिलता था. कब फिल्म शुरू और कब ख़त्म पता ही नहीं चला.
Sardar 2 में टॉपिक की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें जिस तरह से कहानी में पिरोया गया है, वह उतना इफ़ेक्ट नहीं डालते. फिल्म को बड़े लेवल पर बनाने की कोशिश साफ नजर आती है, लेकिन इसी चक्कर में कहानी की पकड़ कमजोर हो जाती है. फिल्म में कई ऐसे सीन्स हैं जिन्हें जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है.
सेकंड हाफ ने किया निराश
इन सभी कारणों से फिल्म का सेकंड हाफ काफी लंबा और कई जगह उबाऊ लगने लगता है. शुरुआत में कुछ दिलचस्प चीजें नजर आती हैं, लेकिन आगे बढ़ते-बढ़ते रोमांच कम होता जाता है. फिल्म में जब गंभीर मुद्दा चल रहा होता है तो ऐसे में कॉमेडी के सीन्स डालना समझदारी नहीं होती.
Sardar 2 Final Verdict
कुल मिलाकर Sardar 2 एक कमजोर कड़ी साबित होती है. फिल्म में अच्छा मैसेज जरूर है साथ ही Karthi ने एक बार फिर अपनी अदाकारी से प्रभावित किया है. लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और लंबा सेकंड हाफ के चलते ये फिल्म उबाऊ लगने लगती है. अगर आपको Karthi और जासूसी फिल्मों का शौक है, तो एक बार फिल्म देखी जा सकती है. लेकिन Sardar जैसी उम्मीद लेकर सिनेमाघर जाएंगे, तो आप निराश हो जायेंगे.
फ़िल्मी फ्राईडे रेटिंग: 2.5/5
आपकी राय?
क्या आप Sardar 2 को सिनेमाघर में देखने वाले हैं? क्या आपको लगता है कि यह फिल्म पहली Sardar की उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी? अपनी राय जरूर दें.