Unmadham Movie Review in Hindi: Malayalam सिनेमा हमेशा ही अपनी अलग फिल्मों के लिए जाना जाता है. ऐसे में एक और मलयालम फिल्म ने दस्तक दी है जिसमे Kunchacko Boban लीड रोल में नजर आये हैं. फिल्म का नाम है Unmadham जिसकी चर्चा इन दिनों काफी हो रही है. तो क्या Unmadham देखने लायक है? आइए जानते हैं.
Unmadham का मतलब क्या है?
सबसे पहले जानते हैं कि आखिर Unmadham का असली मतलब है क्या? इसका अर्थ है पागलपन, मानसिक असंतुलन या बेकाबू. फिल्म में Kunchacko Boban का किरदार Shelly इसी तरह की मानसिक स्थिति से गुजरता है. वह पेशे से पुलिस ऑफिसर जरूर है, लेकिन उसका सपना फिल्म राइटर बनने का है. यही सपना धीरे-धीरे उसे एक ऐसे रहस्यमयी मामले तक पहुंचा देता है.
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Unmadham फिल्म की कहानी
कहानी Shelly से शुरू होती है, जो पुलिस की नौकरी करते हुए फिल्म राइटर बनने का सपना देखता है. वह अपनी नौकरी से एक साल की छुट्टी लेता है ताकि पूरा ध्यान राइटिंग पर लगा सके. लेकिन उसकी लिखी हुई स्क्रिप्ट मेकर्स को पसंद नहीं आती. बल्कि एक डायरेक्टर उसे पुलिस की नौकरी के एक्सपीरियंस का इस्तेमाल करने की सलाह देता है.
लगातार असफलताओं के बाद Shelly लगभग अपना सपना छोड़ ही देता है. उसकी पत्नी Lijomol Jose भी उसे परिवार की जरूरतों को देखते हुए दोबारा पुलिस की नौकरी पर जाने के लिए कहती है. Shelly वापस ड्यूटी पर जाता है, लेकिन वहां भी सब कुछ सिंपल नहीं है. एक घटना के बाद उसका ट्रांसफर ऐसी जगह कर दिया जाता है, जहां एक पुरानी और रहस्यमयी केस फाइल अलमारी में पड़ी हुई है.
उस फाइल के बारे में कहा जाता है कि यह फाइल शापित है. जो भी व्यक्ति इसे छूता है, उसके साथ कोई बड़ी दुर्घटना होती है या फिर वह अपना मानसिक संतुलन खो देता है.
हालाँकि Shelly इन बातों पर विश्वास नहीं करता. इसके बजाय उसे इस रहस्यमयी केस में अपनी अगली फिल्म की कहानी दिखाई देती है. वह चोरी-छिपे इस मामले की जांच शुरू कर देता है. लेकिन जैसे-जैसे वह केस की गहराई में जाता है, उसकी अपनी मानसिक स्थिति भी बिगड़ने लगती है.
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या Shelly इस पुराने मामले को सुलझा पाएगा? क्या उसे आखिरकार अपनी फिल्म लिखने का मौका मिलेगा? या फिर इस केस की सच्चाई उसके मानसिक संतुलन और जिंदगी दोनों को खत्म कर देगी? इन अभी सवालों के जवाब आपको Unmadham देखने के बाद मिल जायेंगे.
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Unmadham Movie Review in Hindi
Unmadham फिल्म में क्या है ख़ास?
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत Kunchacko Boban हैं. फिल्म में उन्होंने ऐसे व्यक्ति का किरदार अच्छी तरह निभाया है जो लगातार असफलताओं से परेशान है, लेकिन अचानक उसे अपनी जिंदगी में एक नई उम्मीद दिखाई देती है. फर्स्ट हाफ में उनका किरदार एक परेशान और निराश राइटर के रूप में नजर आता है.
लेकिन सेकंड हाफ में जैसे-जैसे Shelly अपनी मानसिक स्थिति खोने लगता है, Kunchacko Boban का अभिनय और भी ज्यादा निखरकर सामने आता है. उनके चेहरे के भाव और किरदार के अंदर चल रहा मानसिक संघर्ष फिल्म के कमजोर हिस्सों के बावजूद दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखते हैं.
कहाँ रह गई कमी?
कांसेप्ट अच्छा है लेकिन स्क्रीनप्ले और कहानी दर्शकों को बांधकर रखने में कामयाब नही हो पाई है. यही पर Unmadham थोड़ी निराश करती है. फिल्म का टॉपिक काफी अच्छा और यूनिक जरूर है लेकिन फर्स्ट हाफ काफी अच्छा और तेजी से आगे बढ़ता है लेकिन सेकंड हाफ के बाद असली समस्या शुरू हो जाती है.
सेकंड हाफ में कई घटनाएं ऐसी लगती हैं जिन्हें केवल कहानी को आगे बढ़ाने के लिए जोड़ा गया है. स्क्रीनप्ले की पकड़ कमजोर होती जाती है और दर्शकों की उत्सुकता भी धीरे-धीरे कम होने लगती है.
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क्लाइमेक्स ने भी किया निराश
फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसका क्लाइमेक्स है. कहानी में शुरुआत से ही शापित फाइल, अंधविश्वास और Shelly की मानसिक स्थिति जैसे कई सवाल खड़े किए जाते हैं. ऐसे में उम्मीद होती है कि एंड में इन सभी चीजों का कोई मजबूत और तार्किक जवाब मिलेगा. लेकिन फिल्म जिस तरह खत्म होती है इन सब का कोई मतलब नहीं रह जाता.
कहने का मतलब फिल्म में दिखाया गया भूतिया पहलू एक तरह से बेवजह सा नजर आता जिसकी कोई वैल्यू नहीं रह जाती. यही वजह है कि अच्छी शुरुआत के बाद फिल्म का अंत थोड़ा जल्दबाजी में किया हुआ महसूस होता है.
म्यूजिक रहा एवरेज
फिल्म का म्यूजिक ऐसा नहीं है जो रिलीज के बाद लंबे समय तक याद रहे. हालांकि जरूरत के हिसाब से म्यूजिक रहस्य और तनाव का माहौल बनाने की कोशिश जरूर करता है, लेकिन यह फिल्म के लिए कोई प्लस पॉइंट भी नहीं बना पाता.
फिल्म की लेंथ ने भी किया परेशान
Unmadham की लेंथ करीब 162 मिनट है. फिल्म के टॉपिक को देखते हुए यह काफी लंबी है. क्योंकि स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले में भी उतना दम नहीं है इसलिए ये और भी ज्यादा लंबी महसूस होती है. सेकंड हाफ के कुछ सीन्स छोटे हो सकते थे.
Unmadham Movie Review: देखें या नहीं?
कुल मिलाकर Unmadham एक अच्छे और अलग कांसेप्ट से शुरू होती है, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट और निराशाजनक क्लाइमेक्स के चलते दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाती. Kunchacko Boban की एक्टिंग ने फिल्म को थोड़ा संभाला जरूर है लेकिन ये पूरी फिल्म को परफेक्ट बनाने के लिए काफी नहीं है.
अगर आपके पास खाली समय है और आपको Malayalam सिनेमा की अलग तरह की रहस्यमयी कहानियां पसंद हैं, तो Unmadham को एक बार देखा जा सकता है. हालांकि इससे बहुत ज्यादा उम्मीदें रखना सही नहीं होगा.
दीजिये अपनी राय!
क्या Kunchacko Boban की एक्टिंग के लिए आप Unmadham देखना चाहेंगे, या कमजोर क्लाइमेक्स आपके लिए फिल्म को छोड़ने की वजह बनेगा? अगर आप ये फिल्म देख चुके हैं तो बताइये आपको इसमें सबसे अच्छा क्या लगा? अपनी राय जरूर दें.