Ek Din Movie Review in Hindi: आमिर खान के बेटे जुनैद खान और साउथ की सुपरस्टार साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ (Ek Din) आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. साल 2016 की थाई फिल्म ‘वन डे’ (One Day) पर आधारित यह फिल्म एक ऐसी प्रेम कहानी है जो आपको पहाड़ों की खूबसूरती और भावनाओं के समंदर में ले जाती है. लेकिन दर्शकों को जो चाहिए क्या वो इस फिल्म में है या फिर नहीं?
Ek Din Movie Storyline in Hindi: एक दिन फिल्म की कहानी
दिनेश श्रीवास्तव उर्फ ‘दीनो’ यानि कि जुनैद खान एक शर्मीला IT प्रोफेशनल है, जिसे कोई नोटिस नहीं करता. वह अपनी कलीग मीरा यानि कि साई पल्लवी से एकतरफा प्यार करता है. इसी दौरान पूरी ऑफिस टीम जापान ट्रिप पर जाती है, जहाँ मीरा को अपने लवर नकुल यानि कि कुणाल कपूर के बारे में एक कड़वा सच पता चलता है और उसका एक्सीडेंट हो जाता है.
मीरा को TGA (Transient Global Amnesia) हो जाता है, जिससे वह पिछले 24 घंटों की याददाश्त खो देती है. डॉक्टर के अनुसार, अगले दिन वह सब भूल जाएगी. ऐसे में दीनो उसे अपना बॉयफ्रेंड बताकर जापान की खूबसूरत वादियों में उसके साथ वह एक दिन जीता है. आगे फिल्म में क्या होता है, जानने के लिए आपको ये पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी.
EK Din Movie Watch Full Trailer
Ek Din Movie Review in Hindi
एक दिन फिल्म के प्लस पॉइंट्स
साई पल्लवी का जादू: साई पल्लवी ने अपने पहले ही बॉलीवुड डेब्यू में साबित कर दिया है कि उन्हें ‘नेचुरल स्टार’ क्यों कहा जाता है. उनके हाव-भाव और मासूमियत फिल्म की जान है. एक सीन में उनका डांस आपको मंत्रमुग्ध कर देगा.
जुनैद खान का सुधार: ‘लवयापा’ (2025) के बाद जुनैद इस फिल्म में काफी मंझे हुए नजर आए हैं. जिस लड़के को कोई भाव नहीं देता उस पीड़ा को उन्होंने अपनी आँखों से बखूबी बयां किया है. हालांकि एक्टिंग पर उन्हें अभी और काम करने की जरूरत है.
जापान की सिनेमैटोग्राफी: मनोज लोबो ने जापान को किसी ड्रीमलैंड की तरह दिखाया है. बर्फीली वादियाँ और सुंदर लोकेशंस फिल्म को एक इंटरनेशनल फील देती हैं.
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एक दिन फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
कमजोर सेकंड हाफ: फिल्म का फर्स्ट हाफ फिर भी आसानी से निकल जाता है लेकिन दूसरे भाग में काफी इसकी रफ़्तार काफी धीमी हो जाती है. कुछ सीन्स बेवजह खिंचे हुए लगते हैं.
तर्क की कमी: फिल्म के कुछ हिस्सों को हजम करना बेहद ही मुश्किल है. खासकर मीरा का अपने फोन को चेक न करना या कुछ सिचुएशंस का बचकाना होना फिल्म के प्रभाव को कम करता है.
ट्रेलर का स्पॉइलर: फिल्म का दूसरा ट्रेलर रिलीज करना मेकर्स का एक गलत फैसला था, क्योंकि उसने लगभग पूरी कहानी पहले ही उजागर कर दी थी.
बॉक्स ऑफिस क्लैश: इतना ही नहीं ऑडियंस के बीच इस फिल्म को लेकर पहले से ही क्रेज नाम मात्र को है. इसी बीच रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी भी रिलीज हुई है जिसकी वजह से एक दिन को स्क्रीन भी मिलना मश्किल है.
निष्कर्ष
‘एक दिन’ एक सादगी भरी और भावनात्मक फिल्म जरूर है लेकिन कहानी काफी प्रेडिक्टेबल है. साई पल्लवी ने बेहतर काम किया है लेकिन जुनैद की एक्टिंग की वजह से ऑडियंस थोड़ा परेशान हो सकती है. राज शिवाजी के सामने ये फिल्म ऑडियंस जुटाने में कितना कामयाब होती है? ये देखना काफी दिलचस्प होगा.
Special Request:
दोस्तों, अगर आपने आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘एक दिन’ (Ek Din) देख ली है तो बताइये आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.