Raja Shivaji Movie Review in Hindi: महाराष्ट्र के गौरव और भारत के महानतम योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की गाथा एक बार फिर बड़े पर्दे पर जीवंत हो उठी है. रितेश देशमुख के डायरेक्शन और अभिनय से सजी ‘राजा शिवाजी’ (Raja Shivaji) आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. यह फिल्म केवल एक ऐतिहासिक ड्रामा नहीं, बल्कि स्वराज्य की उस गूँज को पर्दे पर उतारने की एक ईमानदार कोशिश है जिसने इतिहास बदल दिया.
‘राजा शिवाजी’ एक ऐसी फिल्म है जो हर भारतीय के रोंगटे खड़े कर देने का माद्दा रखती है. रितेश देशमुख ने न केवल अपनी एक्टिंग क्षमता बल्कि अपने डायरेक्शन के विजन से भी सबको चौंका दिया है. आइये जानते हैं आखिर कैसी है फिल्म राजा शिवाजी?
Raja Shivaji Movie Storyline in Hindi: राजा शिवाजी फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी पुणे में जीजाबाई यानि कि भाग्यश्री और शिवाजी यानि कि रितेश देशमुख के स्वराज्य के सपने से शुरू होती है. एक तरफ शाहजी राजे यानि कि सचिन खेडेकर, आदिल शाह यानि कि अमोल गुप्ते के नियंत्रण में हैं, वहीं युवा शिवाजी किलों को जीतकर स्वराज्य की नींव रख रहे हैं.
फिल्म का मेन आकर्षण वह ऐतिहासिक टकराव है जब आदिल शाह की बेगम खदीजा यानि कि विद्या बालन के उकसावे पर क्रूर अफजल खान यानि कि संजय दत्त, शिवाजी को खत्म करने निकलता है. फिल्म एंडिंग उसी ऐतिहासिक प्रतापगढ़ की लड़ाई के साथ होती है जिसने इतिहास रच दिया.
Raja Shivaji Movie Watch Full Trailer
Raja Shivaji Movie Review in Hindi
राजा शिवाजी फिल्म के प्लस पॉइंट्स
रितेश देशमुख का विजन: डायरेक्टर के तौर पर रितेश ने फिल्म को ‘लार्जर दैन लाइफ’ बनाने की पूरी कोशिश की है. फिल्म को 8 चैप्टर में बांटना और किरदारों का परिचय देने का अंदाज काफी हद तक धुरंधर से इंस्पायर्ड लगता है.
क्लाइमैक्स का रोमांच: फिल्म के आखिरी 30 मिनट, जहाँ शिवाजी और अफजल खान का आमना-सामना होता है, सिनेमाघरों में पागलपन पैदा कर देते हैं. यह हिस्सा फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी है.
शानदार कास्ट: रितेश देशमुख ने छत्रपति के किरदार में जो गरिमा दिखाई है, वह काबिले तारीफ है. संजय दत्त ने अफजल खान के रूप में फिर से साबित किया है कि वे विलेन के रोल में क्यों बेजोड़ हैं. अभिषेक बच्चन, संभाजी के किरदार में जंचे हैं बल्कि उनके कुछ सीन्स पर सिनेमाघरों में सीटियाँ और तालियाँ बजना तय है.
कैमियो और सरप्राइज: सलमान खान यानि कि जीवा महाला का कैमियो फिल्म में चार चाँद लगा देता है और दर्शक सीटियाँ बजाने पर मजबूर हो जाते हैं. विद्या बालन की ‘तेज जुबान’ और अमोल गुप्ते एक्टिंग काबिले तारीफ है.
संगीत: अजय-अतुल का म्यूजिक (‘छत्रपति’ और ‘जय शिवराय’) फिल्म की आत्मा है जो रोंगटे खड़े कर देता है. हमेशा की तरह इन दोनों ने कमाल किया है.
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राजा शिवाजी फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
लंबाई (Runtime): फिल्म 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) की है जोकि काफी लंबी महसूस होती है. इसे आसानी से 15-20 मिनट छोटा किया जा सकता था.
धीमी शुरुआत: रितेश देशमुख यानि कि फिल्म में बड़े शिवाजी की एंट्री काफी देर (लगभग 55 मिनट) बाद होती है, जो मेन हीरो का इंतजार कर रहे दर्शकों को थोड़ा खटक सकता है.
VFX: फिल्म का स्केल बहुत बड़ा है, लेकिन कुछ जगहों पर VFX और भी बेहतर हो सकता था.
निष्कर्ष
‘राजा शिवाजी’ भारत के महानतम राजा को एक भव्य श्रद्धांजलि है. यह ड्रामा, इमोशन और ‘मासी’ पलों से भरपूर है. महाराष्ट्र में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तूफान लाने के लिए तैयार है और बाकी हिस्सों में भी इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है. वैसे भी एडवांस बुकिंग को देखते हुए फिल्म पहले वीकेंड में ही अच्छी कमाई कर लेगी. हम यही कहेंगे कि ये फिल्म आपको एक बार जरूर देखनी चाहिए.
Special Request:
दोस्तों, अगर आपने रितेश देशमुख के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ (Raja Shivaji) देख ली है तो बताइये आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.