The India Story Movie Review in Hindi: दमदार मुद्दा, बेहतरीन परफॉरमेंस लेकिन कहानी पड़ी कमजोर

The India Story Movie Review in Hindi: अभी तक बॉलीवुड में सच्ची घटनाओं से प्रेरित कई फ़िल्में बन चुकी हैं. लेकिन सभी फ़िल्में सफल हों, ऐसा संभव नहीं है. अब इसी आधार पर एक और फिल्म आई है जिसका नाम है द इंडिया स्टोरी. फिल्म का मुद्दा अच्छा है जिसमे यह जहरीले केमिकल, मिलावटी खाने और हमारी सेहत पर उसके असर जैसे कई बड़े मुद्दे उठाती है. लेकिन क्या फिल्म ऑडियंस को कनेक्ट कर पाती है या नहीं? आइये डिटेल में बात करते हैं.

The India Story Movie Plot in Hindi: द इंडिया स्टोरी फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी योगेश पाटिल यानि श्रेयस तलपड़े की है, जिसकी छोटी बेटी परी कैंसर से लड़ते हुए दुनिया छोड़ देती है. योगेश का मानना है कि उसकी बेटी की मौत कोई सामान्य बीमारी नहीं, बल्कि जहरीले केमिकल और कीटनाशकों से दूषित हुए खाने की वजह से हुई है. वह इसे साधारण मौत नहीं बल्कि एक हत्या मानते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराता है, लेकिन अफ़सोस वहां उसकी कोई नहीं सुनता.

इसी दौरान वो कई वकीलों के चक्कर काटता है लेकिन कोई भी वकील उसका केस लेने को तैयार नहीं होता. तभी एडवोकेट अर्चना यानि कि काजल अग्रवाल उसका केस लेती है कोर्ट में उसके साथ खड़ी होती हैं. इसके बाद शुरू होती है एक ऐसी कानूनी लड़ाई, जो पूरे देश में बहस का विषय बन जाती है. आगे क्या होता है, जानने के लिए आपको थियेटर जाना होगा.

The India Story Movie Review in Hindi

द इंडिया स्टोरी फिल्म के प्लस पॉइंट्स

The India Story का सबसे सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका मेन प्लाट है. आज के समय में मिलावटी खाना, जहरीले केमिकल और हेल्थ जुड़े खतरे किसी से छिपे नहीं हैं. फिल्म इसी गंभीर मुद्दे को लेकर चलती है और इस पर बात करने की भी जरूरत है. फिल्म में कई ऐसे सीन्स हैं जो दिल को छू जाते हैं. खासकर परी की बीमारी और उसकी फॅमिली का दर्द काफी इमोशनल है.

इतना ही नहीं फिल्म में ऐसा सीन भी है जिसमे एक किसान यह बताता है कि कि वह अपने परिवार के लिए अलग खेती करता है, जबकि बाजार में दूसरी फसल बेचता है. यह बात सोचने पर मजबूर कर देती है.

श्रेयस तलपड़े ने एक पिता के दर्द को बेहद ही सादगी के साथ निभाया है. खासकर सेकंड हाफ में उनकी एक्टिंग के आप कायल हो जायेंगे. वहीँ काजल अग्रवाल वकील के किरदार में फिट लगी हैं. उनकी डायलॉग डिलीवरी और आत्मविश्वास स्क्रीन पर साफ़ नजर आटा है.

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द इंडिया स्टोरी फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स

फिल्म का सब्जेक्ट दमदार है लेकिन इसकी सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी है. दर्शकों के सामने कहने को बेहतर तरीके से पेश नहीं किया गया है. कोर्टरूम ड्रामा होने के बावजूद फिल्म में ऐसा कोई बड़ा सीन नहीं है, जिस पर तालियाँ बज सके या फिर ऑडियंस के दिल को छू जाए.

किसी एक जगह नहीं बल्कि फिल्म में कई जगह कहानी इतनी स्लो लगती है कि दर्शक बेच में ही छोड़कर जा सकते हैं. इतना ही नहीं विपक्ष के वकील को भी पूरी ताकत से पेश नहीं किया गया है. जिसकी वजह से कोर्ट में होने वाली बहस उतनी प्रभावशाली नहीं लगती.

फिल्म का म्यूजिक भी कुछ खास नहीं है. बैकग्राउंड स्कोर ठीक-ठाक है, लेकिन कोई भी गाना ऐसा नहीं है जो याद रह सके.

सिनेमैटोग्राफी फिल्म की कहानी के हिसाब से ठीक है लेकिन कई जगह AI और विजुअल इफेक्ट्स काफी कमजोर नजर आये हैं.

फाइनल वर्डिक्ट

The India Story एक ऐसे मुद्दे पर बनी फिल्म है जिसके बारे में सभी को बात करने की जरूरत है. हालांकि अफसोस इस बात का है कि मेकर्स ने इसे बड़े पर्दे पर ऑडियंस के सामने सही ढंग से पेश नहीं किया है. कहने का मतलब है कि ये बेहतर मुद्दे पर बनी एक एवरेज फिल्म बनकर रह गई है.

आपकी राय?

आपके हिसाब से हमारे देश के और कौन-कौन से मुद्दे हैं जिन पर फ़िल्में और बननी चाहिए? अगर आपने द इंडिया स्टोरी फिल्म देख ली है तो बताइये आपको ये फिल्म कैसी लगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए.

Founder & Author : My name is Deepak Giri & I am from New Delhi, India. Filmi FryDay is your one stop shop for everything Entertainment.

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