They Will Kill You Review in Hindi: हॉरर और ‘गोर-एक्शन’ (Gore-action) के शौकीनों के लिए हॉलीवुड से एक नई पेशकश आई, ‘दे विल किल यू’ (They Will Kill You). ज़ाज़ी बीट्स (Zazie Beetz) स्टारिंग यह फिल्म सस्पेंस, शैतानी ताकतों और खून-खराबे का एक ऐसा संगम है जो आपको ‘जॉन विक’ और ‘किल बिल’ की याद दिलाएगा, लेकिन फिल्म के बारे में जितनी चर्चा हो रही है क्या यह फिल्म उतनी ही अच्छी है या नहीं? आइये डिटेल में बात करते हैं.
They Will Kill You Storyline in Hindi: दे विल किल यू फिल्म की कहानी
कहानी एशिया रीव्स यानि कि ज़ाज़ी बीट्स की है, जो एक पूर्व अपराधी (Ex-convict) है. वह न्यूयॉर्क के एक प्रीमियम होटल ‘द वर्जिल’ में मेड के रूप में काम करने आती है. होटल की सुपरिटेंडेंट लिलीथ वुडहाउस यानि कि पेट्रीसिया अर्केट उसका वेलकम करती है. लेकिन एशिया की पहली ही रात कयामत बन जाती है जब कई नकाबपोश हमलावर उसे जान से मारने की कोशिश करते हैं.
एशिया को जल्द ही पता चलता है कि यह होटल सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं, बल्कि एक ‘शैतानी पंथ’ (Satanic Cult) का ठिकाना है. वह यहाँ अपनी बिछड़ी हुई बहन मारिया यानि कि मायहा’ला को बचाने आई है. क्या वह इस शैतानी चक्रव्यूह से बचकर अपनी बहन को निकाल पाएगी? अगर हाँ, तो ये सब कैसे होगा? जानने के लिए आपको ये पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी.
Watch They Will Kill You Movie Full Trailer
They Will Kill You Review in Hindi
दे विल किल यू फिल्म के प्लस पॉइंट्स
ज़ाज़ी बीट्स की परफॉरमेंस: पूरी फिल्म ज़ाज़ी के कंधों पर टिकी है. उनका ‘पावर-पैक्ड’ अंदाज और कूल एक्शन मूव्स फिल्म को देखने लायक बनाते हैं.
होटल का माहौल: डायरेक्टर किरिल सोकोलोव ने होटल ‘द वर्जिल’ की डरावनी और रहस्यमयी बनावट को बहुत ही खूबसूरती से बड़े पर्दे पर उतारा है.
टॉप-क्लास विजुअल्स: फिल्म के VFX और सिनेमैटोग्राफी शानदार हैं. कुछ एक्शन सीन्स बेहद ही सोच-समझकर डिजाइन किए गए हैं जो आपको स्क्रीन से बांधे रखते हैं. कई जगह आपके मुंह से वाह तक निकल जायेगा.
View this post on Instagram
दे विल किल यू फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स
कमजोर डायरेक्शन: किरिल सोकोलोव का डायरेक्शन वो ‘पंच’ पैदा नहीं कर पाता जिसकी उम्मीद एक ऐसी थ्रिलर से होती है. हलांकि फिल्म की लेंथ उतनी ज्यादा नहीं है लेकिन फिर भी कई जगहों पर फीकी पड़ती नजर आती है.
जरूरत से ज्यादा खून-खराबा: फिल्म में हिंसा और खून-खराबा इतना ज्यादा है कि कई बार दर्शक खुद को असहज महसूस कर सकते हैं.
इमोशन की कमी: फिल्म की आत्मा ‘दो बहनों का रिश्ता’ होना चाहिए था, लेकिन यह बहुत ही सतही और आधा-अधूरा सा लगता है और पूरी फिल्म एक्शन पर ही निर्भर हो जाती है.
बड़े नामों का कम इस्तेमाल: पेट्रीसिया अर्केट और टॉम फेल्टन जैसे मंझे हुए कलाकारों को ज्यादा स्क्रीन स्पेस नहीं दिया गया है जोकि फिल्म का सबसे बड़ा नेगेटिव पॉइंट है.
निष्कर्ष
‘दे विल किल यू’ एक अलग तरह का अनुभव देने की कोशिश तो करती है, लेकिन कमजोर कहानी और दोहराव वाला एक्शन इसका मजा किरकिरा कर देता है. इंडिया में ये फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ और ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ जैसी बड़ी फिल्मों के बीच फंसकर रह गई. अगर आप ज़ाज़ी बीट्स के फैन हैं या आपको डार्क एक्शन फिल्में पसंद हैं, तो आपको ये फिल्म पसंद आ सकती है.
Special Request:
दोस्तों, अगर आपने ज़ाज़ी बीट्स की फिल्म ‘दे विल किल यू’ (They will kill you) देख ली है तो बताइये आपको ये फिल्म कैसी लगी? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरुर दें. जानकारी पसंद आई हो तो पोस्ट को शेयर करना ना भूले, धन्यवाद.